
8वां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफाl केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक 10 साल में वेतन आयोग का गठन करती है। यह कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और अन्य सुविधाओं की समीक्षा करने के बाद वेतन में जरूरी बदलाव की सिफारिश करता है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने से सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ी वृद्धि हो सकती है। एक करोड़ से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा।
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें- लेवल 1 का वेतन 34,560 रुपये तक बढ़ सकता है। लेवल 18 का वेतन 4.8 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) के तहत पेंशन भी बढ़ जाएगी। न्यूनतम वेतन 34,560 रुपये तक हो सकता है।
वेतन मैट्रिक्स और फिटमेंट फैक्टर- 8वें वेतन आयोग का वेतन मैट्रिक्स 1.92 के फिटमेंट फैक्टर का उपयोग करके तैयार किए जाने की संभावना है।इस फिटमेंट फैक्टर के साथ 7वें वेतन आयोग के अनुसार लेवल 1 के लिए वर्तमान न्यूनतम वेतन 1800 के ग्रेड पे के साथ 18,000 रुपये है, जिसे 8वें वेतन आयोग के तहत 34,560 रुपये तक संशोधित किया जा सकता है। पेंशन की गणना-यूपीएस के तहत पेंशन सेवानिवृत्ति से पहले के 12 महीनों के औसत मासिक वेतन का 50 प्रतिशत निर्धारित की जाएगी।अगर 8वां वेतन आयोग जनवरी 2026 में लागू होता है, तो न्यूनतम मूल वेतन 34,560 रुपये होने का अनुमान है, जबकि अधिकतम वेतन 4.8 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। डीए बढ़ोतरी-कर्मचारियों को जनवरी 2029 तक उनके वेतन पर पांच डीए बढ़ोतरी भी मिल सकती है। प्रत्येक संशोधन में 4 प्रतिशत की वृद्धि मानते हुए 2029 तक डीए की कुल वृद्धि मूल वेतन का 20 प्रतिशत तक होगी।






