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Lakhimpur Kheri News: मिठाई कब बनी, वैधता क्या है… कुछ पता नहीं
Lakhimpur Kheri News: मिठाई कब बनी, वैधता क्या है… कुछ पता नहीं
बंदे भारत लाइव न्यूज़ टीवी
जिला प्रमुख की खास रिपोर्ट
राहुल मिश्रा लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश
लखीमपुर खीरी। दुकानों पर बिक रही मिठाई कब बनी, कब तक उपयोग के लायक है, ग्राहकों को इसकी जानकारी नहीं मिल पा रही है। शासन के निर्देश के बाद भी दुकानदार मिठाइयों के साथ वैधता पर्ची नहीं लगा रहे। शुक्रवार को की गई पड़ताल में कहीं भी आदेश का पालन होता नहीं दिखा।
प्रत्येक खाद्य पदार्थों के सेवन की समय सीमा होती है। इसके बाद सेवन करने से दिक्कत हो सकती है। वैधता सीमा दर्शाने के लिए मिठाई के साथ वैधता पर्ची लगाना अनिवार्य है, लेकिन जनपद में शायद ही कोई इस नियम का पालन करता होगा। अमर उजाला ने शहर के अधिकांश दुकानों की पड़ताल की, लेकिन कहीं भी वैधता नहीं दर्शाई गई। जबकि नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों पर अधिकतम दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संवाद
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किस मिठाई की कितने दिनों की वैधता
एक दिन: बटर स्कॉच, कलाकंद, रोज कलाकंद, चाकलेट कलाकंद।
दो दिन: बादाम मिल्क, रसगुल्ला, रस मलाई, रबड़ी रसमलाई, राजभोग, चमचम, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हरिभोग, खीर मोहन।
तीन दिन: लड्डू, खोया मिठाइयां, मिल्क केक, प्लेन बर्फी, मिल्क बर्फी, पिस्ता बर्फी, कोकोनट बर्फी, चाकलेट बर्फी, सफेद पेड़ा, बूंदी लड्डू, मोतीचूर, खोया बादाम, फ्रूट केक, केसर कोकोनट।
प्रत्येक खाद्य पदार्थों के सेवन की समय सीमा होती है। इसके बाद सेवन करने से दिक्कत हो सकती है। वैधता सीमा दर्शाने के लिए मिठाई के साथ वैधता पर्ची लगाना अनिवार्य है, लेकिन जनपद में शायद ही कोई इस नियम का पालन करता होगा। अमर उजाला ने शहर के अधिकांश दुकानों की पड़ताल की, लेकिन कहीं भी वैधता नहीं दर्शाई गई। जबकि नियमों का पालन करने वाले कारोबारियों पर अधिकतम दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। संवाद
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किस मिठाई की कितने दिनों की वैधता
एक दिन: बटर स्कॉच, कलाकंद, रोज कलाकंद, चाकलेट कलाकंद।
दो दिन: बादाम मिल्क, रसगुल्ला, रस मलाई, रबड़ी रसमलाई, राजभोग, चमचम, मलाई रोल, बंगाली रबड़ी, हरिभोग, खीर मोहन।
तीन दिन: लड्डू, खोया मिठाइयां, मिल्क केक, प्लेन बर्फी, मिल्क बर्फी, पिस्ता बर्फी, कोकोनट बर्फी, चाकलेट बर्फी, सफेद पेड़ा, बूंदी लड्डू, मोतीचूर, खोया बादाम, फ्रूट केक, केसर कोकोनट।
सात दिन: ड्राईफूड लड्डू, काजू कतली, घेवर,शाही लड्डू, मूंग बर्फी, ड्राई फूड गुझिया, मोती बूंदी लड्डू, काजू केसर बर्फी, बादाम लीग व बादाम गुझिया आदि हैं।
30 दिन: बेसन लड्डू, चना लड्डू, चना बर्फी, अंजीर, खजूर बर्फी, कचरी हलवा, सोहन हलवा, गजक आदि मिठाई हैं।
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मिठाइयों की वैधता प्रदर्शित करना जरूरी है। इसको लेकर पूर्व में दुकानदारों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। अगर कहीं भी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले में इस नियम का पालन अब सख्ती से कराया जाएगा।
-बृजेंद्र शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य

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