

रांची :- झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश डा. एसएन पाठक की पीठ में होमगार्ड नव-नामांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाली याचिका पर सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद पीठ ने राज्य सरकार से रांची होमगार्ड में नव-नामांकन से संबंधित सभी रिकार्ड और परिणाम का कागजात न्यायालय में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। इस मामले कि अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी । रांची होमगार्ड में नव-नामांकन को लेकर उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं दाखिल की गई है।
होमगार्ड नव-नामांकन में गड़बड़ी को लेकर लगे हैं गंभीर आरोप
सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार चौबे ने न्यायालय को बताया कि 2016 में गृह रक्षकों के नव-नामांकन के लिए विज्ञापन जारी किया गया था । रांची जिला में गृह रक्षको के नव-नामांकन में नियमों का अनदेखी किया गया है । कट आफ मार्क्स से ज्यादा अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को नव – नामांकित कर लिया गया , जबकि ऐसे अभ्यर्थियों को नव -नामांकित कर लिया गया , जिनका नाम जारी परिणाम में भी नहीं है। मनचाहे लोगों की नियुक्ति कर ली गई है। इसलिए नियुक्ति को निरस्त की जाए। न्यायालय ने मामले में सरकार से नियुक्ति से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
वर्ष 2016 में जारी हुआ था विज्ञापन
रांची जिला में होमगार्ड जवानों के नव- नामांकन के लिए वर्ष 2016 में विज्ञापन जारी किया गया था । जिस प्रखंड का विज्ञापन जारी नहीं हुआ था उस प्रखंड का भी मेधा सूची प्रकाशित कर दिया गया था । जैसे – इटकी और नगड़ी ।
झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव राजीव कुमार तिवारी ने होमगार्ड नव-नामांकन में अनियमितता का आरोप लगाया था । इस शिकायत के आलोक में हि अनियमितता पाए जाने के कारण पूर्व होमगार्ड डीजी एमवी राव ने इस नव – नामांकन को रद्द करने का अनुशंसा गृह सचिव झारखंड सरकार से किया था ।
झारखंड होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन ने कहा कि अधिकारियों कि गलती का दंश अभ्यर्थियों को झेलना पड़ रहा है ।
संवाददाता – राजीव कुमार तिवारी , वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ रांची झारखंड कि रिपोर्ट










