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पीएम मोदी का यूएस दौरा रहा सफल, भारत-अमेरिका संबंध होंगे और अधिक मजबूत

पीएम मोदी के सामने शर्मिंदगी से बचने के लिए क्या छिपाना चाह रहे थे ट्रंप, अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद बताया

न्यूयॉर्क/नई दिल्‍ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी दो दिवसीय अमेरिका यात्रा पूरी करके नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और प्रौद्योगिकी सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को फ्रांस से अमेरिका पहुंचे थे और बृहस्पतिवार को भारतीय समयानुसार शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने उनकी मेजबानी की। यह बैठक खास रही क्योंकि यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की पहली द्विपक्षीय वार्ता थी। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसले लिए।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पोस्ट के जरिए पुष्टि की है कि पीएम वाशिंगटन से दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।

अमेरिका यात्रा की उपयोगी एवं सार्थक यात्रा

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट में उनकी फोटो साझा करते हुए लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त राज्य अमेरिका की उपयोगी एवं सार्थक यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न करने के बाद नई दिल्ली के लिए विमान से रवाना।”

इस यात्रा के दौरान हुई बैठकों में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल वाल्ट्ज और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड से भी मुलाकात की। इन बैठकों में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। भारत और अमेरिका ने रक्षा, ऊर्जा और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में अपने सहयोग को व्यापक करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, दोनों देशों ने वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किए विचार

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी बैठक बेहतरीन रही और इससे भारत-अमेरिका की मित्रता को नई गति मिलेगी। दोनों नेताओं ने व्यापार घाटा कम करने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सहमति जताई।

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की

बता दें कि दोनों नेताओं की बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के बीच सीमा पर जारी झड़पों को “काफी हिंसक” बताते हुए इस विवाद को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश मिलकर इस मुद्दे का समाधान निकाल सकते हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका और रूस जैसे बड़े देशों को भी साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि दुनिया में शांति बनी रहे।

अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की थी, लेकिन भारत ने इसे तुरंत ठुकरा दिया था। अब यह देखना बाकी है कि ट्रंप भारत-चीन विवाद में अपनी मध्यस्थता की पेशकश को कितनी गंभीरता से आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए नई योजनाएं बनाई गई हैं, जिससे दोनों देशों की दोस्ती और साझेदारी और गहरी होगी।

अमेरिका भारत को अरबों डॉलर के रक्षा उपकरण बेचेगा

ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका भारत को अरबों डॉलर के रक्षा उपकरण बेचेगा और भविष्य में भारत को एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2017 में उनके प्रशासन ने क्वाड सुरक्षा साझेदारी को फिर से सक्रिय किया, जिसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह सहयोग इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा, ट्रंप ने आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका के संयुक्त प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देश कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से निपटने के लिए पहले से ज्यादा मजबूती से साथ काम करेंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शर्मिंदगी से बचने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कुछ छिपाना चाह रहे थे। ट्रंप ने अब इस बात का खुलासा खुद किया है। उन्होंंने बताया है कि जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनसे मिलने आए तो वह कुछ चीजें उनसे छिपाना चाहते थे। ताकि भारत के सामने अमेरिका को शर्मिंदगी का सामना नहीं करना पड़े।


ट्रंप ने बताया कि पीएम मोदी के अलावा अन्य वैश्विक नेताओं को वाशिंगटन में संघीय भवनों के पास तंबू और भित्तिचित्र को वह नहीं दिखाना चाहते थे। वह यह भी नहीं चाहते थे कि उन्हें वाशिंगटन की सड़कों में गड्ढे दिखें। इसलिए पीएम मोदी समेत अन्य वैश्विक नेता जो ट्रंप से मिलने गए, उन सभी का मार्ग अमेरिकी राष्ट्रपति ने परिवर्तित करवा दिया था। इसके अलावा तंबुओं और भित्ति चित्रों को ढंकवा दिया था।

अब शुरू कराया वाशिंगटन का रंग-रोगन
राष्ट्रपति ट्रंप ने अब अमेरिकी राजधानी की साफ-सफाई का आदेश दिया है। ट्रंप ने शुक्रवार को न्याय मंत्रालय में अपने वक्तव्य में कहा, ‘‘हम अपने शहर की सफाई कर रहे हैं। हम इस राजधानी की सफाई कर रहे हैं और हम अपराध नहीं होने देंगे, हम अपराध के पक्ष में खड़े नहीं होंगे, हम भित्तिचित्रों को हटाने जा रहे हैं, हमने पहले ही तंबू हटाने शुरू कर दिए हैं और हम प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि अब तक वाशिंगटन के मेयर म्यूरियल बोसर ने राजधानी की सफाई की दिशा में अच्छा काम किया है।

ट्रंप ने दिया तंबुओं को हटाने का निर्देश
पीएम मोदी का दौरा समाप्त होने के बाद अब ट्रंप ने वाशिंगटन से तंबुओं को हटाने का निर्देश दिया है। ट्रंप ने कहा, ‘‘विदेश मंत्रालय के ठीक सामने बहुत सारे तंबू लगे हैं। उन्हें हटाना होगा। हम एक ऐसी राजधानी चाहते हैं जो दुनिया भर में चर्चा का विषय बन सके।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब भारत के प्रधानमंत्री मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति ये सभी लोग.ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सभी पिछले डेढ़ सप्ताह में मुझसे मिलने आए थे और जब वे आए.तो मैंने मार्ग परिवर्तित कराया था। मैं नहीं चाहता था कि वे तंबू लगे देखें। मैं नहीं चाहता था कि वे भित्तिचित्र देखें। मैं नहीं चाहता था कि वे सड़कों पर टूटे हुए बैरियर और गड्ढे देखें। हमने इसे सुंदर बना दिया

Vishal Leel

Sr Media person & Digital Creator
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