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✍️ संपादक: एलिक सिंह | 📞 संपर्क: 8217554083
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💔 फीस के अपमान ने ली मासूम जान: प्रतापगढ़ की 9वीं की छात्रा रिया प्रजापति ने स्कूल में हुई बेइज्जती के बाद की आत्महत्या
📍 प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश |
शिक्षा, जो बच्चों के जीवन को रोशन करने का जरिया होनी चाहिए, आज कुछ प्राइवेट स्कूलों के लालच और संवेदनहीनता के चलते मौत का कारण बनती जा रही है। ऐसी ही एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना जनपद प्रतापगढ़ के कमला शरण इंटर कॉलेज से सामने आई है।
❌ फीस बकाया थी, इज्ज़त नहीं – परीक्षा से निकाला गया, सबके सामने अपमानित किया गया!
मृतक छात्रा रिया प्रजापति, जो कक्षा 9 की छात्रा थी, उस पर कुछ फीस बकाया थी। आरोप है कि विद्यालय प्रशासन ने रिया को परीक्षा हॉल से बाहर निकाल दिया, और कक्षा तथा अन्य शिक्षकों के सामने अपमानित किया। इस बेइज्जती और मानसिक प्रताड़ना को मासूम बच्ची सह नहीं सकी और उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
🧓 परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रिया के परिजनों का कहना है कि उन्होंने कई बार फीस भरने के लिए समय मांगा था, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कोई सहानुभूति नहीं दिखाई। रिया को जिस तरह स्कूल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, उसने उसे भीतर से तोड़ दिया। उसके बाद वह चुप हो गई, और अगले दिन उसका शव घर में संदिग्ध हालात में मिला।
🏫 शिक्षा या शोषण?
आज की शिक्षा व्यवस्था सवालों के कटघरे में खड़ी है। प्राइवेट स्कूल सिर्फ पढ़ाई के नाम पर मोटी-मोटी फीस नहीं बल्कि –
बिल्डिंग फंड
यूनिफार्म फंड
बुक्स फंड
एक्टिविटी चार्ज
कंप्यूटर फीस
डेवलपमेंट चार्ज
जैसे असंख्य ‘चार्ज’ के नाम पर जोंक की तरह मध्यमवर्गीय परिवारों का खून चूस रहे हैं।
📣 शासन-प्रशासन मौन क्यों?
यह कोई पहली घटना नहीं है – पूरे प्रदेश और देश में ऐसे मामलों की भरमार है, लेकिन अब तक कोई ठोस कानूनी पहल या नियामक एजेंसी सामने नहीं आई है। शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और सरकार कब तक चुप्पी साधे बैठी रहेगी? क्या एक बच्ची की जान जाने के बाद भी कोई कार्रवाई होगी?
✊ हमारी मांग:
वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज़ प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग करता है कि –
इस मामले की जांच कर तत्काल दोषी स्कूल प्रशासन पर हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया जाए।
सभी प्राइवेट स्कूलों की फीस और अतिरिक्त शुल्क की सीमाएं तय की जाएं।
फीस न भर पाने पर बच्चों को अपमानित करने पर कठोर दंडात्मक कानून बनाया जाए।
पूरे मामले की जिला मजिस्ट्रेट स्तर पर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
🔚 कब तक शिक्षा के मंदिर में बच्चों का आत्मसम्मान यूँ रौंदा जाता रहेगा?
रिया की मौत कोई हादसा नहीं, सिस्टम की असंवेदनशीलता का नतीजा है।
अब वक्त है कि अभिभावक, समाज और सरकार एकजुट होकर शिक्षा को व्यापार से बाहर निकालें और इंसानियत के दायरे में वापस लाएं।
🕯️ रिया को श्रद्धांजलि – और उसकी मौत को बेवजह न जाने दें।
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