उत्तर प्रदेशगोंडाबस्ती

बभनान मे लाइनमैन हुए लूटेरे ,लाखो करोड़ का गमन

✍️अजीत मिश्रा✍️

।।बस्ती (यूपी)।।

बभनान मे लाइनमैन हुए लूटेरे ,लाखो करोड़ का गमन

बभनान, बस्ती। बभनान उपखण्ड में लाइनमैन उपभोक्ताओं से नए कनेक्शन, मीटर बदलने, बिल समायोजन, या कनेक्शन बहाली के नाम पर अनधिकृत शुल्क वसूल रहे हैं। यह भ्रष्टाचार का स्पष्ट मामला है, जो स्थानीय बिजली विभाग के अधिकारियों की निष्क्रियता या मिलीभगत के बिना संभव नहीं है,बभनान उपखण्ड के राम किशन यादव और विकास, जो गौर फीडर के लाइनमैन हैं, गौर फीडर के अंतर्गत आने वाले गाँवों में अवैध बिजली कनेक्शन प्रदान कर रहे हैं। इसमें LMV-2 (गैर-घरेलू) और LMV-5 (निजी नलकूप) जैसे बड़े उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपयोग करवाने का आरोप है। जहा बलपूर्व अवैध वसूली: ये लाइनमैन उपभोक्ताओं से अवैध कनेक्शन देने, बिजली चोरी की शिकायत न करने, या अन्य सेवाओं के लिए जबरन पैसे वसूल रहे हैं।

प्रभाव: यह गतिविधि न केवल उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है, बल्कि बिजली विभाग को राजस्व हानि भी पहुंचा रही है। साथ ही, यह बभनान क्षेत्र में तनाव और असंतोष का कारण बन रहा है।

सूत्रो के मिली जानकारी अनुसार 200-300 मीटर लंबी केबल का उपयोग करके कई उपभोक्ताओं को अवैध बिजली कनेक्शन दे रहे हैं। यह UPPCL के मानकों का उल्लंघन है, क्योंकि कनेक्शन की दूरी और तकनीकी मानक (जैसे पोल से 40 मीटर की अधिकतम दूरी) तय हैं।: लंबी केबल पर कई कनेक्शन देना न केवल तकनीकी रूप से असुरक्षित है (जैसे वोल्टेज ड्रॉप, शॉर्ट-सर्किट का खतरा), बल्कि यह बिजली चोरी को बढ़ावा देता है। यह विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 (बिजली चोरी) और धारा 138 (मीटर छेड़छाड़) के तहत दंडनीय है। 

UPPCL के नियमों के अनुसार, बिजली कनेक्शन के लिए पोल से उपभोक्ता तक की दूरी 40 मीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। 200-300 मीटर लंबी केबल का उपयोग अवैध और असुरक्षित है।

लोग चाहते हैं कि पहले लाइनमैनों की जाँच हो, उनके खिलाफ कार्रवाई हो (जैसे निलंबन, मुकदमा), और फिर उपभोक्ताओं पर कोई कार्रवाई की जाए। यह निष्पक्षता की दृष्टि से उचित है, क्योंकि लाइनमैनों की मिलीभगत के बिना ऐसी अनियमितताएँ संभव नहीं हैं।

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