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बांदा में प्रशासनिक मनमानी पर गरजीं शालिनी सिंह पटेल, मंत्री ओमप्रकाश राजभर से की दो टूक शिकायत

अफसरशाही की तानाशाही, पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे, गरीबों का खुलेआम शोषण —

बांदा में प्रशासनिक मनमानी पर गरजीं शालिनी सिंह पटेल, मंत्री ओमप्रकाश राजभर से की दो टूक शिकायत

— अफसरशाही की तानाशाही, पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे, गरीबों का खुलेआम शोषण —

बांदा, 2 मई।

बांदा में अफसरशाही की निरंकुशता, गरीबों पर अत्याचार और पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) उत्तर प्रदेश की प्रदेश उपाध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सर्किट हाउस बांदा में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर से मुलाकात कर पूरे प्रकरण की शिकायत की और कड़े शब्दों में स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

फोटो सेशन तक सीमित रह गई अफसरशाही’

शालिनी सिंह ने कहा कि अफसर सिर्फ फोटो खिंचवाने और दिखावे के लिए दौरे करते हैं। जिलाधिकारी सहित तमाम अधिकारी सर्किट हाउस में आते हैं, नेताओं से मिलते हैं, मीडिया में फोटो छपवाते हैं — लेकिन जमीनी स्तर पर गरीब जनता का जीना मुश्किल कर दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि रेडी-पटरी वालों, सब्जी बेचने वालों और चाय दुकानदारों से जबरन अवैध वसूली की जाती है। किसी की सब्जी फेंक दी जाती है, किसी की दुकान उखाड़ दी जाती है — और यह सब जिलाधिकारी की जानकारी में हो रहा है।

पत्रकारों की आज़ादी पर हमला

शालिनी सिंह ने सबसे गंभीर आरोप पत्रकारों को लेकर लगाए। उन्होंने कहा कि जो पत्रकार ईमानदारी से सवाल पूछते हैं, प्रशासन की खामियों को उजागर करते हैं, उन पर फर्जी मुकदमे थोपे जाते हैं, बदसलूकी की जाती है, और जेल तक भेजा जाता है। “लोकतंत्र का चौथा स्तंभ आज खुद खतरे में है,” उन्होंने चेतावनी दी।

 

मुख्यमंत्री की मंशा को चुनौती दे रहे अफसर’

 

उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी शासन को चुनौती दे रहे हैं और मुख्यमंत्री की नीति और मंशा को पलीता लगा रहे हैं। रातभर ओवरलोड ट्रक धड़ल्ले से चल रहे हैं, और कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।

 

‘गांव चलिए मंत्री जी, ज़मीनी हकीकत खुद देखिए’

 

शालिनी सिंह पटेल ने ओमप्रकाश राजभर से आग्रह किया कि वे कागजों की नहीं, जमीन की सच्चाई देखें। “आप खुद किसी गांव में चलिए, आपको पता चल जाएगा कि विकास केवल पोस्टरों में है, असल में जनता त्रस्त है,” उन्होंने कहा।

कड़ी कार्रवाई की मांग

प्रदेश उपाध्यक्ष ने मंत्री से मांग की कि वे इन मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराएं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

ब्यूरो चीफ गिरजा शंकर अवस्थी बांदा

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