

🌧️ ब्रेकिंग न्यूज़ | सहारनपुर – मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय जलमग्न
बारिश से खुली विकास कार्यों की पोल, कुलपति आवास डूबा पानी में
🗓️ दिनांक – 26 मई 2025 | स्थान – पुंवारका, सहारनपुर
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह, संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
🏛️ कुलपति आवास बना तालाब, जलनिकासी व्यवस्था हुई फेल
सहारनपुर में शनिवार देर रात शुरू हुई बारिश ने मां शाकुम्भरी विश्वविद्यालय परिसर को पानी-पानी कर दिया। सबसे अधिक चौंकाने वाला दृश्य कुलपति व कुलसचिव आवास के चारों ओर देखने को मिला, जहां करीब एक फुट तक पानी भर गया।
लगातार होती बारिश ने न सिर्फ जन-जीवन को प्रभावित किया, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन के कार्यों की गंभीर लापरवाही को भी उजागर कर दिया है।
🌧️ पहली बारिश में ही डूबा विकास का दावा
बारिश का पानी भवनों के चारों ओर इस कदर भर गया कि कुलपति प्रो. वाई. विमला और कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र कुमार मौर्य को परिसर से बाहर निकलने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पानी का स्तर कई जगहों पर कमर तक पहुंचने के करीब हो गया।
गौरतलब है कि गत वर्ष भी इसी स्थान पर जलभराव हुआ था, लेकिन एक वर्ष बाद भी स्थायी समाधान नहीं खोजा गया।
🏗️ नवनिर्मित इमारतों को खतरा
विश्वविद्यालय की नई बनी सड़कों और भवनों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। छात्रावास, प्रयोगशालाएं, प्रशासनिक भवन और अन्य निर्माणधीन क्षेत्रों में जलभराव से दीवारों में सीलन, फर्श पर दरार और सामग्री क्षरण जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
📉 प्रशासनिक सुस्ती और लापरवाही का नतीजा
यह सवाल उठना लाजिमी है कि:
लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद जलनिकासी की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
एक साल पहले की गई शिकायतों और अनुभवों से कोई सबक क्यों नहीं लिया गया?
क्या विश्वविद्यालय प्रशासन और निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी?
🗣️ जनता और विश्वविद्यालय स्टाफ में नाराजगी
विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस स्थिति को “खतरनाक और शर्मनाक” बताया। उनका कहना है कि अगर यहीं हालात रहे तो मानसून में विश्वविद्यालय परिसर में पढ़ाई, परीक्षा और प्रशासन सभी ठप हो जाएंगे।
⚠️ जरूरत है स्थायी समाधान की
जलनिकासी व्यवस्था के अभाव में विश्वविद्यालय परिसर हर बारिश में तालाब में तब्दील हो जाता है। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की गई तो न केवल करोड़ों की संपत्ति को नुकसान होगा, बल्कि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।
🔴 सीजन की पहली बारिश ने खोली पोल, अब तक नहीं कोई ठोस कार्रवाई
बारिश रुकने के बाद DM और PWD को निरीक्षण करने की मांग उठ रही है। जनता चाहती है कि कमीशनखोरी और लापरवाही पर सख्त एक्शन लिया जाए।
✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
उत्तर प्रदेश महामंत्री – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
📞 संपर्क: 8217554083








