
सागर। वंदे भारत लाईव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी। मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण राजीव का मिशन सागर इकाई के द्वारा मनरेगा के अंतर्गत प्रारंभ होने वाले अभियान जिसमें फलदार पौधारोपण किया जाना है इस नई योजना का नाम एक बगिया मां के नाम रखा गया है इस योजना पर बेहतर समझ विकसित करने के लिए सागर जिले के प्रत्येक विकासखंड से दो कृषि सीआरपी तथा विकासखंड प्रबंध को इस विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला के माध्यम से किसानों के चयन और पौधारोपण की कार्य योजना पर समझ और रणनीति का निर्माण किया गया जिला पंचायत की ओर से मनरेगा कार्यक्रम के प्रभारी अधिकारी ने भी इस विषय पर जानकारी दी। मिशन की ओर से पौधारोपण की तकनीकी पर जिला प्रबंधक कृषि के द्वारा तथा इस तकनीकी के लिए विशेष तौर पर विकसित किए गए ऐप के बारे में प्रभाष मुधोतिया जिला परियोजना प्रबंधक के द्वारा जानकारी दी गई।
मध्य प्रदेश में किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए और प्रधानमंत्री के लखपति दीदी सपने को साकार करने के लिए मनरेगा के अंतर्गत एक बगिया मां के नाम कार्यक्रम लॉन्च किया गया है इस कार्यक्रम में महिला समूहों से जुड़े सदस्यों के एक एकड़ के खेत में कम से कम 6 मीटर की दूरी पर फलदार पौधों का रोपण किया जाना है किसान पौधरोपण के साथ-साथ इस रकबे में अंतर्वत्ति फसलों का उत्पादन भी लेते रहेंगे। इस कार्यक्रम की खूबसूरती यह है कि इसमें जिए एक एकड़ में पौधरोपड़ किया गया उसके एक एकड़ के रकबा को कटीले तार की फेंसिंग से सुरक्षा की जाएगी साथ ही 50 घन मीटर का एक टैंक होगा इस टैंक में पॉलिथीन लाइनिंग करके वर्षा जल का संग्रहण किया जाएगा जिसे बाद में आवश्यकता के अनुसार रोपित पौधों की सिंचाई में उपयोग किया जावेगा 3 वर्ष की इस परियोजना में किसान स्वयं अपने खेत में काम करेगा पौधों की देखभाल करेगा और उसे इस काम के लिए मनरेगा के अंतर्गत सरकार की ओर से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा फलदार पौधों की निगरानी इस ऐप के माध्यम से की जावेगी किसान स्वयं कम से कम 3 फुट की ऊंचाई का 2 वर्ष की आयु वाला पौधा खरीदेगा जिसके बिलों को प्रस्तुत किए जाने पर सरकार उन पौधों की कीमत किसान के खाते में ट्रांसफर करेगी इसी प्रकार फेंसिंग का सामान भी किसान स्वयं खरीदेगी और उसकी बिलों को प्रस्तुत किए जाने पर किसान के खाते में सामग्री का भुगतान सरकार की ओर से होगा। कलेक्टर के अनुसार स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला किसान इस कार्य को बेहतर तरीके से संपादित कर सकेंगे प्रत्येक 25 एकड़ के रकबे की देखभाल के लिए एक कृषि सखी डेप्लॉय की जावेगी पौधारोपण का कार्य क्लस्टर में किया जावेगा ताकि बाद में प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना कर गांव में लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जाए और ग्रामीण बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।


