
समीर वानखेडे ब्यूरो चीफ:
बल्लारपुर शहर में चारों तरफ अतिक्रमण तथा अवैध निर्माणों की बाढ़ सी आई है ।
बालाजी वार्ड स्थित बालाजी हॉल के सामने पार्किंग की व्यवस्था न होने से हॉल में होने वाले कार्यक्रम के समय दुपहिया वाहन तथा कार रस्ते पर रखने पर मजबूर होते है साथी ही इसी रस्ते पर स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स में पार्किंग की जगह पर अवैध निमार्ण करने की वजह से कॉम्प्लेक्स में आनेवाले लोगों को अपनी दुपहिया वाहन तथा अन्य बड़े वाहन मुख्य रस्ते पर खड़े करने पड़ रहे है । जिससे बालाजी मंदिर तथा हॉल और गुप्ता कॉम्प्लेक्स के सामने रास्ता और भी संकरा हो जाता है जिस वजह से यहां से गुजरनेवाले वाहन धारकों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर अवैध पार्किंग की वजह से कई छोटी बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी है । बालाजी मंदिर ट्रस्ट द्वारा हॉल को शादी एवं पार्टी के लिए किराए पर देकर वाणिज्यिक उपयोग किया जा रहा है लेकिन ऐसे हॉल के लिए पार्किंग की व्यवस्था करने नियम होते हुए भी मंदिर ट्रस्ट द्वारा पार्किंग की व्यवस्था न करने की वजह मंदिर में आनेवाले श्रद्धालुओं को तथा हॉल में आनेवाले मेहमानों को मजबूरन मुख्य मार्ग पर वाहन पार्क करना पड़ रहा है । जिससे आए दिन यहां दुर्घटनाएं हो रही है । जिससे आम नागरिकों द्वारा इन दोनों प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की मांग तेज हो रही है ।
ऐसे ही पुराना बस स्टैंड रेलवे स्टेशन चौक बस स्टैंड चौक बस्ती कॉलरी रोड पेपर मिल गेट स्थानीय दुकानदारों द्वारा फुटपाथ पर सामान फैलाकर रखने की वजह से पैदल चलने वाले तथा वाहनचालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के मुख्य राज्यमहामार्ग के अतिक्रमण से कई लोगों को दुर्घटनाओं में अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है ।
पुराना बस स्टैंड तथा पेपर मिल तीन इक्का गेट पर बीयर बार तथा देशी दारू की दुकानों की वजह से रोज शाम के समय शराबी अपने वाहन मुख्य मार्ग पर खड़े रख शराब पीने बार में जाते है जिस वजह से सड़क पर खड़े वाहनों से मार्ग अवरुद्ध हो जाता है और जाने अनजाने भीषण दुर्घटनाएं होने का अंदेशा रहता है । इसी तरह बस स्टैंड से गोलपुलिया की ओर जाने वाले मार्ग पर दो बैंक तथा कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान और होटल है जहां आने वाले लोगों को पार्किंग न होने की वजह से मजबूरन रास्तों पर वाहन पार्क करना पड़ रहा है ।
प्रशासकीय इच्छाशक्ति की कमी या राजनीतिक दबाव की वजह से वर्षों से नहीं हो रही करवाई
शहर की मुख्य राजमार्ग के पेपर मिल तीन इक्का गेट से लेकर एफ डी सी एम गेट तक अतिक्रमण से नागरिक परेशान है, नगरपालिका प्रशासन इन सभी बातों को जानकर भी अंजान बने रहने का नाटक करता नजर आ रहा है । क्या इसके पीछे प्रशासनिक इच्छा शक्ति की कमी है या राजनीतिक दबाव की वजह से मुख्याधिकारी करवाई करने से कतरा रहे है ? गुप्ता कॉम्प्लेक्स को तो नगर पालिका द्वारा कई वर्षों से करवाई के नामपर बस नोटिस थमाने का काम किया जा रहा है लेकिन आज तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई ? क्या नगर पालिका कानूनी कार्रवाई के लिए किसी बड़े हादसे का इन्तजार कर रही है? या किसी राजनीतिक दबाव के चलते मुख्याधिकारी इस मामले में निष्क्रियता दिखा रहे है? ऐसे कई सवाल नगर पालिका मुख्याधिकारी की सक्रियता पर उठ रहे है।










