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Sonbhadra news:महुली में सामाजिक न्याय की गूंज, तीन महापुरुषों की जयंती पर उमड़ा अभूतपूर्व जनसैलाब

शिक्षा, संगठन और संवैधानिक अधिकारों पर गरजे वक्ता; समान भागीदारी और स्वाभिमान का बुलंद हुआ स्वर

महुली (सोनभद्र)। दुद्धी तहसील अंतर्गत राजा बरियार शाह खेल मैदान रविवार को सामाजिक चेतना के विराट मंच में तब्दील हो गया, जब संत शिरोमणि संत रविदास, स्वच्छता के अग्रदूत संत गाडगे बाबा तथा सामाजिक न्याय के प्रखर चिंतक जगदेव प्रसाद (जगदेव बाबू कुशवाहा) की संयुक्त जयंती समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। हजारों की संख्या में जुटे लोगों ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।      कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गौतम बुद्ध, छत्रपति शाहू महाराज, संत रविदास, भीमराव रामजी अम्बेडकर, संत गाडगे बाबा एवं जगदेव बाबू के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन कर उपस्थित जनसमूह ने समानता, बंधुत्व और न्याय की भावना को आत्मसात करने का संकल्प लिया।“शिक्षा शेरनी का दूध है” — रंजना चौधरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं ब्लॉक प्रमुख रंजना चौधरी ने कहा, “शिक्षा शेरनी का दूध है, जो जितना पिएगा उतनी ही उसकी दहाड़ बुलंद होगी।” उन्होंने युवाओं और अभिभावकों से बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया और कहा कि शिक्षा ही समाज को आत्मनिर्भर बनाती है।
“ज्ञानी नहीं, प्रज्ञावान बनें” — विनोद कुमार
वक्ता विनोद कुमार ने कहा कि केवल पढ़ाई कर लेना पर्याप्त नहीं, बल्कि विवेक और नैतिकता के साथ समाजहित में उसका उपयोग करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से सकारात्मक नेतृत्व की भूमिका निभाने की अपील की।
“संगठन और शिक्षा से ही मिलेगी हिस्सेदारी” —  जुबेर आलम
विशिष्ट अतिथि जुबेर आलम जिला पंचायत सदस्य बाघडू ने जगदेव बाबू के विचारों को उद्धृत करते हुए कहा कि समाज को शारीरिक, बौद्धिक और शैक्षिक रूप से मजबूत बनाना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज शिक्षित और संगठित नहीं होगा, तब तक वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित नहीं होगी।
संविधान है समान अधिकारों का प्रहरी
पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा रामविचार गौतम ने कहा कि देश में एक व्यक्ति एक वोट का अधिकार संविधान की देन है। उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि लोकतंत्र की आत्मा संविधान में निहित है।
बीआरडी पीजी कॉलेज दुद्धी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय कुमार ने पृथक निर्वाचन प्रणाली एवं लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि जागरूक नागरिक ही लोकतंत्र को सशक्त बनाते हैं।
“महापुरुषों के विचार आज भी मार्गदर्शक” — अजय कुमार रजक
मुख्य अतिथि अजय कुमार रजक (डायरेक्टर, सड़क परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार) ने ओजस्वी संबोधन में कहा कि महापुरुषों के विचार केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान की दिशा हैं। उन्होंने संत गाडगे बाबा के स्वच्छता अभियान, संत रविदास की समरसता और जगदेव बाबू के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को समाज के उत्थान का आधार बताया।
उन्होंने कहा कि संगठित समाज ही संवैधानिक मार्ग से अपने अधिकार प्राप्त कर सकता है और शिक्षा के बल पर ही वास्तविक परिवर्तन संभव है।
संत गाडगे बाबा की प्रतिमा स्थापना की घोषणा
विशिष्ट अतिथि संजय कुमार सिंह गोंड धुर्वे ने संत गाडगे बाबा की प्रतिमा स्थापित कराने की घोषणा की और हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
सेवानिवृत्त जिला जज राजन चौधरी एवं पूर्व एमएलसी शिवबोध राम ने महापुरुषों के आदर्शों को आत्मसात कर समाज को एकजुट रखने की अपील की।
कार्यक्रम का संचालन समिति अध्यक्ष अवधेश कुमार कन्नौजिया ने किया। अंत में भोजन वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस मौके पर कुंदन कन्नौजिया, विवेक कुमार कन्नौजिया,अरविंद जायसवाल ग्राम प्रधान महुली,रविशंकर कन्नौजिया,नीरज कुमार कन्नौजिया,अमित कुमार कन्नौजिया,वीरेंद्र चौधरी,संजय कुमार कन्नौजिया,पंकज कन्नौजिया, सेकरार अहमद जिला उपाध्यक्ष बसपा,सत्यनारायण कन्नौजिया ,सहित अन्य पदाधिकारी एवं  हजारों जाति समुदाय के लोग उपस्थित रहे।
भव्य आयोजन ने स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा, संगठन, स्वच्छता और संवैधानिक अधिकारों की जागरूकता ही समाज को नई दिशा दे सकती है।

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