करोड़ों की ठगी के मामले में मास्टर माइंड सहित तीन गिरफ्तार
गोरखपुर। फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने शनिवार को मुंबई के मास्टरमाइंड काशिफ खान समेत तीनों आरोपियों को मुंबई से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर कोर्ट में पेश किया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि ठगी का मास्टरमाइंड काशिफ खान उर्फ काशिफ सरदार हाशिम खान मलिक है। जो खुद को फैशन टीवी इंडिया से जुड़ा उच्च पदाधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। इस गिरोह ने सुनियोजित तरीके से गोरखपुर, लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में व्यापारियों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी की है।
फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस ने शनिवार को मुंबई के मास्टरमाइंड काशिफ खान समेत तीनों आरोपियों को मुंबई से ट्रांजिट रिमांड पर लाकर कोर्ट में पेश किया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी कर रही है।
इसके लिए पुलिस सोमवार को पीसीआर के लिए कोर्ट में अर्जी देगी। जेल भेजे गए सभी आरोपी पूरे देश में ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। उनके खिलाफ यूपी, हरियाण, मुंबई, गोवा, जयपुर, गुजरात समेत कई प्रदेशों में प्राथमिकी दर्ज है।
ठगी की शिकार रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के शिवपुर काॅलोनी निवासी जूही सिंह ने वैभव व करुणेश के अलावा अखिलेश पाठक, अभिषेक पाठक, गौतम कनौडिया, रामअवतार बंसल, गौरव कनोडिया और नरेंद्र त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बीते फरवरी माह में वैभव मणि त्रिपाठी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था।
पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड मुंबई के सांताक्रूज के रहने वाले काशिफ खान उर्फ काशिफ सरदार हाशिम खान मलिक, कृष्णा कुमारी और नवीन आहूजा उर्फ नवीन सर आहूजा के नाम बताए थे। इसके बाद पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में मुंबई पहुंची थी।
पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से बीते एक अप्रैल को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर शनिवार को शहर पहुंची। दोपहर बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया है।
एसपी सिटी निमिष पाटिल ने बताया कि ठगी का मास्टरमाइंड काशिफ खान उर्फ काशिफ सरदार हाशिम खान मलिक है। जो खुद को फैशन टीवी इंडिया से जुड़ा उच्च पदाधिकारी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। इस गिरोह ने सुनियोजित तरीके से गोरखपुर, लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में व्यापारियों को निशाना बनाकर करोड़ों की ठगी की है।
तीनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। सोमवार को कोर्ट में अर्जी दाखिल की जाएगी।
एसपी सिटी के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ में कई और बड़ी जानकारी मिलने के आसार हैं। साथ ही देशभर में ठगी के अन्य पीड़ितों की पहचान भी की जा रही है।
ठगी की शिकार पीड़िता ने पूर्व विवेचक राम सिंह पर पीड़ितों के बजाय आरोपियों को फायदा पहुंचाने का आरोप गया था। उनका दावा था कि विवेचक ने एफआईआर से मुख्य आरोपियों के नाम हटाए। यही नहीं आरोपियों के फ्रीज किए गए बैंक खातों को अनफ्रीज किया और बयान भी आरोपियों के पक्ष में दर्ज किए।
पीड़ित की शिकायत के बाद तत्कालीन एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने रामसिंह को हटाकर ये जांच रामगढ़ताल थाने में तैनात इंस्पेक्टर आशुतोष राय को सौंप दी थी। इसके बाद पुलिस की टीम मुंबई पहुंचकर मास्टरमाइंड व उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान मंत्रालय कॉर्पोरेट मामलों (एमसीए) के रिकॉर्ड खंगालने पर चौंकाने वाली जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, काशिफ खान कभी भी फैशन टीवी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का डायरेक्टर नियुक्त नहीं हुआ था। उसके नाम पर कोई आधिकारिक फाइलिंग मौजूद नहीं है। इसके बावजूद मास्टर माइंड काशीफ खान देशभर में सैकड़ों लोगों से फ्रेंचाइजी के नाम पर करोड़ों रुपये वसूल लिए थे।
जालसाजी के कथित मास्टरमाइंड काशीफ खान का नेटवर्क केवल व्यापारिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं था, बल्कि उसका प्रभाव मनोरंजन जगत, खासकर बॉलीबुड तक फैला हुआ बताया जाता है। वह नियमित रूप से फिल्मी सितारों और उनके परिवारों के साथ हाई-प्रोफाइल पार्टियां आयोजित करता था, जिससे उसकी पहुंच और विश्वसनीयता बढ़ती गई।
इन आयोजनों के जरिये उसने अपने संपर्कों का विस्तार किया और कथित तौर पर कई लोगों को अपने जाल में फंसाया। कुछ पार्टियों में नशीले पदार्थों के उपयोग से जुड़े आरोप भी सामने आए, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया। सूत्रों के अनुसार, ब्रांड अधिकारों और बड़े इवेंट्स के नाम पर लोगों को प्रभावित करने के लिए वह ललित मोदी जैसे चर्चित नामों से कथित संबंधों का हवाला देता था। इससे निवेशकों और व्यापारियों के बीच भरोसा पैदा किया जाता था।
वर्ष 2014 से करता था ठगी
विवेचक के मुताबिक यह सिंडिकेट करीब 2014 से सक्रिय था और एक तय पैटर्न पर काम करता था। जालसाज पहले लोगों को बड़े ब्रांड्स जैसे फैशन टीवी, औरा थाई स्पा और एसएफएल से जोड़ने का झांसा देते थे। इसके बाद उनसे मोटी रकम लेकर फर्जी समझौते थमा देते थे।
अब तक देश के कई राज्यों में लगभग 50 पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है। हालांकि वास्तविक संख्या हजारों में होने की आशंका जताई जा रही है। आरोपी के खिलाफ जीएसटी विभाग में भी शिकायतें दर्ज हुईं, जिसके चलते आरोपी कंपनियों पर करीब सात करोड़ रुपये का जुर्माना और 17 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया गया।
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