
रंगपंचमी का उत्सव और प्रशासनिक निर्णय
रंगपंचमी का पर्व होलिका दहन के तीसरे दिन मनाया जाता है। इस वर्ष प्रशासन ने मंगलवार को छुट्टी की घोषणा की है, जबकि ग्रहण के चलते रंगपंचमी का उत्सव बुधवार को मनाना तय किया गया है। दुर्भाग्यवश, बुधवार को छुट्टी न होने से स्कूल, कॉलेज जानेवाली बच्चियों कार्यस्थल पर जाने वाली महिलाओं को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ेगा।
महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल
महिलाएं जो रोजाना काम पर जाती हैं, उन्हें रंग खेलते मनचलों से सुरक्षित रहना जरूरी है। इस संदर्भ में, विभिन्न संगठनों ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बुधवार को छुट्टी का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि इस दिन महिलाओं को कार्यस्थल पर या बेटियों को स्कूल कॉलेज भेजना , बिना उचित सुरक्षा के, एक बड़ी गलती है।
कौन होगा जिम्मेदार?
जब सुरक्षा की बात आती है, तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि इस सवाल का उत्तर कौन देगा? क्या प्रशासन, जो छुट्टी देने में असमर्थ है, इस असुविधा के लिए जिम्मेदार होगा? या फिर महिलाओं को अपने आप को समस्याओं से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए? यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।













