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सिंगरौली: DMF फंड में ₹1000 करोड़ की अनियमितता का आरोप AAP ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।

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सिंगरौली: DMF फंड में ₹1000 करोड़ की अनियमितता का आरोप AAP ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।

 

सिंगरौली के अधिकारों से खिलवाड़ का आरोप, राशि वापसी और तकनीकी ऑडिट की मांग।

 

(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला)

सिंगरौली : आम आदमी पार्टी ने जिला खनिज प्रतिष्ठान (DMF) फंड के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी के प्रदेश सचिव राजेश सोनी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पिछले पांच वर्षों में सिंगरौली जिले के DMF फंड से 1000 करोड़ रुपये नियमों के विपरीत अन्य जिलों में स्थानांतरित किए गए, जबकि जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों की मूलभूत समस्याएं अब भी जस की तस बनी हुई हैं। ज्ञापन के साथ पार्टी नेताओं ने सरकारी अभिलेखों एवं विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित रिपोर्टों की प्रतियां भी संलग्न करते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच की मांग की है।

आम आदमी पार्टी ने ज्ञापन में मांग की है कि सिंगरौली से अन्य जिलों को हस्तांतरित की गई करीब 1000 करोड़ रुपये की राशि को पुनः जिले के DMF खाते में जमा कराया जाए। पार्टी का दावा है कि यह राशि विभिन्न जिलों में स्थानांतरित की गई, जबकि सिंगरौली के खनन प्रभावित क्षेत्रों में अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

प्रदेश सचिव राजेश सोनी ने कहा कि सिंगरौली प्रदेश और देश के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला जिला है। कोयला खनन और औद्योगिक – गतिविधियों के कारण यहां के लोग प्रदूषण, विस्थापन, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और सड़क दुर्घटनाओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में DMF फंड का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के हितों की अनदेखी करते हुए बड़ी राशि अन्य जिलों में भेज दी गई जिससे स्थानीय विकास कार्य प्रभावित हुए हैं।

पार्टी ने पिछले पांच वर्षों में DMF मद से स्वीकृत एवं संचालित सभी कार्यों का स्वतंत्र भौतिक एवं तकनीकी ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि 15 दिनों के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई तो जिले के ग्रामीण, आदिवासी, युवा और आम नागरिकों के साथ मिलकर जिला मुख्यालय का व्यापक घेराव किया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि सिंगरौली के अधिकारों और संसाधनों की रक्षा के लिए जनआंदोलन चलाया जाएगा।

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