

सिंगरौली: अमृत-1 योजना के तहत सीवरेज परियोजनाओं का निरीक्षण, एक माह में तीनों एसटीपी शुरू करने के निर्देश।
नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने कार्यों की समीक्षा कर गुणवत्ता और समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने को कहा।
(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला)
सिंगरौली: शहर की सीवरेज व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और स्वच्छता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अमृत-1 योजना के अंतर्गत संचालित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) परियोजनाओं का नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न स्थलों पर चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने जिला पंचायत परिसर के समीप निर्माणाधीन एसटीपी और विंध्यनगर स्थित एसटीपी का निरीक्षण कर अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी से परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अमृत-1 योजना के अंतर्गत शहर में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं, जिनकी कुल क्षमता 31 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) होगी। हिरवाह स्थित जोन 1 एसटीपी में विद्युत कार्य शेष है, जबकि जिला पंचायत के समीप जोन-2 एसटीपी का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं विंध्यनगर स्थित जोन-3 एसटीपी में भी केवल विद्युत संबंधी कार्य शेष रह गया है। योजना के तहत 79 किलोमीटर सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध लगभग 93 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आयुक्त ने शेष पाइपलाइन एवं सीवर कनेक्शन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए।
नगर निगम आयुक्त सविता प्रधान ने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि आगामी एक माह के भीतर तीनों सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट चालू करने के लिए आवश्यक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने विंध्यनगर स्थित एसटीपी तक पहुंचने वाले एप्रोच रोड के निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि अमृत-1 योजना के पूर्ण होने के बाद शहर में सीवरेज प्रबंधन व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी। इससे न केवल स्वच्छता व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान सहायक यंत्री अमिताभयादव, उपयंत्री विपिन तिवारी, उपयंत्री जितेंद्र कुमार, पीडीएमसी के इंजीनियर अजय कोरी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


