
गढ़वा जिला भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। चर्चित युवा नेता दीपक प्रताप देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने जल्द ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने और उसके माध्यम से जनता के बीच सक्रिय होने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले दीपक प्रताप देव ने अपने बड़े भाई एवं भवनाथपुर विधायक अनंत प्रताप देव उर्फ छोटे राजा के खिलाफ राजनीतिक मोर्चा खोलने का ऐलान किया था। उस समय उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनके नेता हैं और उनके नेतृत्व में वह पार्टी को मजबूत करने का काम करेंगे। हालांकि अब उन्होंने झामुमो से अलग होने का फैसला लिया है।
इस्तीफे के बाद दीपक प्रताप देव ने कहा कि वह नई पार्टी का गठन कर जनता से सीधे संवाद करेंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी राजनीतिक ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे। नई पार्टी के नाम और स्वरूप की घोषणा जल्द किए जाने की बात कही गई है।
दीपक प्रताप देव ने वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले “एक बूथ, 50 यूथ” के अभियान के तहत संगठन तैयार किया जाएगा। साथ ही जरूरत के अनुसार गांवों में अपने खर्च से सड़क निर्माण और चापाकल लगाने जैसे कार्य कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि पहले जनता के बीच काम किया जाएगा और उसके बाद चुनाव में समर्थन मांगा जाएगा।
दीपक प्रताप देव के झामुमो से इस्तीफे और 2029 का चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद भवनाथपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी लंबा समय है, लेकिन यदि दीपक प्रताप देव लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं तो आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल यह देखना दिलचस्प होगा कि नई पार्टी के गठन के बाद दीपक प्रताप देव किस तरह का राजनीतिक संगठन खड़ा करते हैं और भवनाथपुर की चुनावी राजनीति में उनकी नई भूमिका कितनी प्रभावी साबित होती है।

