उत्तर प्रदेशबस्तीलखनऊ

।। न पार्टी में कोई पद, न मान-सम्मान, फिर भी भाजपा की झंडी लगाकर रौब झाड़ रहा है शख्स।।

।। थाने की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित। कानून के राज पर सीधा सवाल खड़ा करता यह मामला।

अजीत मिश्रा (खोजी)

।। न पार्टी में कोई पद, न मान-सम्मान, फिर भी भाजपा की झंडी लगाकर रौब झाड़ रहा है शख्स।।

15 दिसंबर 25, उत्तर प्रदेश।

लालगंज पुलिस – बस्ती ।। गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी चारों नामजद अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल। लालगंज थाने में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कानून का डर नदारद। आरोपी रमेश चौधरी, उमेश चौधरी, राकेश चौधरी और अंकित चौधरी बेखौफ। पीड़ित को न्याय की आस, लेकिन सिस्टम बना मूकदर्शक। अपराधियों के हौसले बुलंद, आम जनता में दहशत का माहौल। क्या रसूखदार होने का मिल रहा है खुला संरक्षण। थाने की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित। कानून के राज पर सीधा सवाल खड़ा करता यह मामला।

जनता पूछ रही—आखिर गिरफ्तारी कब होगी। अपराधियों पर मेहरबान क्यों है पुलिस? पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित होने के बाद भी फार्च्यूनर पर लहराती रही भाजपा की झंडी। समाज में खुद को भाजपा नेता बताकर लोगों को गुमराह करने का आरोप।

🔥 कुछ समय तक गाड़ी पर फर्जी तौर पर “ब्लॉक प्रमुख” लिखवाकर घूमता रहा। सोशल मीडिया पोस्ट में खुद को “प्रधान” लिखकर भ्रम फैलाने की भी चर्चा।हकीकत यह कि न वह प्रधान है, न ब्लॉक प्रमुख, न ही पार्टी में कोई अस्तित्व।

सत्ता के नाम पर डर और दबाव बनाने की कोशिश लगातार जारी। कुछ दिन पहले एक मुस्लिम महिला के अगवा होने के मामले में नाम उछलने से मची किरकिरी। इस घटना के बाद इलाके में भारी नाराज़गी और सवाल। भाजपा के नाम और झंडी का दुरुपयोग कर पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप। जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की चुप्पी भी सवालों के घेरे में। अब सवाल—कब रुकेगा भाजपा के नाम पर फर्जी रौब और दिखावा?

यह मामला पार्टी के नाम और प्रतीकों के अनधिकृत उपयोग के संबंध में स्थानीय भाजपा नेतृत्व और पुलिस के लिए एक चुनौती प्रस्तुत करता है।

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