
करंट लगने से हुई मजदूर की मौत पर पुलिस का रवैया संदिग्ध
दतिया , भांडेर | मामला है दतिया जिले का जो पूर्व गृहमंत्री का गृह क्षेत्र भी है जहाँ भांडेर थाना पुलिस का गैर जिम्मेदाराना रवैया सामने आया है , मामले को विस्तार से जाने तो भांडेर तहसील के अंतर्गत तिघरा ग्राम में रहने वाले कौशल सिंह राजपूत अपने घर का निर्माण कार्य कराने मजदूर लेकर गए , मजदूर महेंद्र दोहरे की काम करने के दौरान करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गयी , इस मामले को पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया और परिजन चक्कर काटते रहे , मामले की गंभीरता और एक व्यक्ति की मौत के बावजूद न ही पंचनामा हुआ न ही तत्काल प्रकरण दर्ज किया गया ,|
इस पूरे मामले में आरोपी तो खुले आम घुमते रहे और परिजनों को थाने के चक्कर काटना पढ़ा |
मामले में देरी होती चली गयी और मामले को शांत करने का प्रयास भी पुलिस द्वारा भरपूर किया गया |
मौत के बदले 20 हजार रूपये की पेशकश
सूत्र यह भी बताते हैं की पुलिस आरोपी को बचाने के लिए पीड़ित परिजनों को कौशल राजपूत जो की मुख्य रूप से दोषी है उसका नाम न लिखाने के लिए 20 हजार रूपये देने की पेशकश तक कर दी |
दिल्ली समेत प्रदेश के मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंची तब हरकत में आई पुलिस और आनन फानन में कर दी एफआईआर
मामले की जानकारी जैसे ही ईएसओ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण सिंह तक पहुंची तो प्रवीण सिंह ने तत्काल 17 जुलाई को ही मामले की शिकायत अनु जाति आयोग नई दिल्ली , मुख्यमंत्री समेत हेल्पलाइन पर शिकायत पहुंचा दी जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने मामले में जल्दबाजी दिखाते हुए प्रकरण तो दर्ज कर लिया पर मुख्य आरोपी को बचाते हुए पडोसी के नाम पर प्रकरण दर्ज कर लिया |
मामले की शिकायत को वापिस लेने थाना भांडेर द्वारा प्रवीण सिंह पर दबाव बनाया गया और जब प्रवीण सिंह ने मुख्य आरोपी कौशल राजपूत का नाम प्रकरण में जोड़ने की बात कही तो पुलिस कर्मी ने मजदूर की मौत की तुलना चोरी की घटना से कर दिया ये सभी बातचीत काल में रिकोर्ड हो गयी जिसे अब न्यायालय के समक्ष और वरिष्ठ स्तर पर भेजने की बात प्रवीण सिंह द्वारा कही जा रही है |
प्रदेश की भाजपा सरकार पीड़ित परिवार के साथ है – प्रवीण सिंह
प्रवीण सिंह , भारतीय जनता पार्टी , में अनुसूचित जाति मोर्चा के मुख्यमंत्री एवं छात्र छात्रा संवाद के प्रदेश प्रभारी हैं और उन्होंने स्पष्ट कहा है की पीड़ित परिवार को हर संभव मदद सरकार द्वारा दिलाई जायेगी एवं जो भी पुलिस कर्मी या अधिकारी इस मामले में आरोपियों को संरक्षण प्रदान कर रहे हैं उन के विरुद्ध वरिष्ठ स्तर पर कार्यवाही हेतु शिकायत की गयी है |
सूत्र यह भी बताते हैं की आरोपी कौशल सिंह राजपूत को पैसे और रसूख के चलते पुलिस बचाने का पूरा प्रयास कर रही है लेकिन जैसे जैसे मामले में देरी हो रही है मामला और भी तूल पकड़ता जा रहा है , देखना ये होगा की इस मामले में भांडेर पुलिस आगे क्या कार्यवाही करती है |







