
सदन में उठी रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन निर्माण की मांग, सांसद जनार्दन मिश्रा ने रखा प्रस्ताव
रीवा-मिर्जापुर की 171 किमी रेल लाइन परियोजना का तैयार किया गया था डीपीआर, शुरू नहीं हो सका निर्माण
रीवा। विंध्य वासियों की बहुप्रतीक्षित रीवा-मिर्जापुर रेल
लाइन की मांग बुधवार को सदन में फिर उठी। रीवा
सांसद जनार्दन मिश्रा ने बजट सत्र में बहस दौरान
शून्यकाल रीवा- मिर्जापुर रेल लाइन निर्माण कार्य को
गति देने का प्रस्ताव रखा। सांसद श्री मिश्रा ने बताया
कि प्रदेश में सिंगरौली पावर हब के रूप में तो रीवा-
सतना सीमेंट हब के रूप में विकसित हो रहा है।
इन्हें जोड़ने के लिए रीवा-मिर्जापुर वाया हनुमना रेलवे
लाइन का सर्वेक्षण कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसका
डीपीआर भी तैयार हो गया था लेकिन बजट की
स्वीकृति नहीं होने के कारण कोई कार्य प्रारम्भ नहीं
हुआ है। उन्होंने कहा कि सदन के माध्यम से वह रेलवे
मंत्री से मांग करते हैं कि रीवा-मिर्जापुर वाया हनुमना
रेलवे लाइन का कार्य अतिशीघ्र शुरू कराये जाने का
निर्देश देने का कष्ट करें।
उल्लेखनीय है कि 6 वर्ष पूर्व सांसद जनार्दन मिश्रा की
मांग पर रीवा से मिर्जापुर 171 किमी रेल लाइन
परियोजना के लिए लगभग 800 करोड़ की लागत से
सर्वे व डीपीआर के लिए राशि स्वीकृत की गई थी। साथ
ही डीपीआर भी तैयार किया गया था लेकिन आज
दिनांक तक रीवा-मिर्जापुर रेल लाइन का काम शुरू नहीं
हो सका। चुनाव के दौरान विपक्ष द्वारा सांसद पर
मिर्जापुर रेल लाइन निर्माण कार्य शुरू न कराने क
आवाज उठाया जाता रहा। इसीलिए सांसद ने अपने
इस कार्यकाल में जन आकांक्षा अनुरूप रीवा-मिर्जापुर
रेल लाइन के निर्माण को प्रमुखता से लिया है।
उल्लेखनीय है कि जनार्दन मिश्रा के सांसद बनने के
बाद रीवा रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण के साथ ही टू
लेन विद्युतीकरण, रीवा-सिंगरौली रेल परियोजना को
गति व गोविंदगढ़ तक स्टेशन निर्माण के साथ ही पटरी
बिछाने का काम हुआ ही, रीवा रेलवे स्टेशन से ट्रेनों की
संख्या भी दोगुनी हो गई हैं। उनमें रीवा मुंबई, रीवा
इतवारी सहित अन्य महत्वूपर्ण टेनों का संचालन
शामिल है जिनकी मांग लंबे अरसे से की जा रही थी।






