
काशीराम कॉलोनी की बिजली काटी, 500 परिवार अंधेरे में, 27 घंटे से एसएन फीडर पर डटे
बकाया सवा नौ करोड़, कॉलोनीवासियों का सवाल – जब मीटर 10 साल पहले उखाड़ दिए गए तो इतना बिल कैसे?
फिरोजाबाद।
काशीराम कॉलोनी में बिजली विभाग की कार्रवाई से नाराज़गी चरम पर है। विभाग ने करीब सवा नौ करोड़ रुपये के बकाये का हवाला देते हुए कॉलोनी की बिजली आपूर्ति ठप कर दी, जिससे 500 से अधिक परिवार पिछले 27 घंटे से अंधेरे में हैं। बिजली कटौती के विरोध में सैकड़ों लोग मथुरा नगर स्थित एसएन फीडर पर लगातार धरने पर बैठे हैं।
धरने में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग शामिल हैं। एक टीबी मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे धरना स्थल पर ही लाया गया है। कॉलोनी में पानी की सप्लाई भी बंद है, जिससे लोग परेशान हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिजली विभाग की कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। उनका कहना है कि करीब 10 साल पहले कॉलोनी से बिजली मीटर उखाड़ लिए गए थे, फिर अब अचानक करोड़ों का बकाया कैसे दिखा दिया गया?
कॉलोनीवासियों ने सरकार से सवाल किया है कि जब मीटर नहीं थे और सप्लाई भी ठीक से नहीं थी, तो बिल किस आधार पर बढ़ता गया?
लोगों ने याद दिलाया कि यह कॉलोनी बहुजन समाज पार्टी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा गरीबों को मुफ्त में दी गई थी। मायावती सरकार के काशीराम आवास योजना के तहत यहां फ्लैट दिए गए थे, जिनमें अधिकांश दिहाड़ी मजदूर और बेहद गरीब लोग रहते हैं। ऐसे में उन पर करोड़ों का बोझ डालना सरासर अन्याय है।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए, और बकाया बिल को या तो माफ किया जाए या किस्तों में भुगतान का रास्ता निकाला जाए।
वहीं बिजली विभाग का कहना है कि 15 साल से बिल जमा नहीं किया गया था। कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन जब भुगतान नहीं हुआ तो कार्रवाई की गई।














