
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट गाजीपुर

संवाददाता, बहादुरगंज (गाजीपुर)। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के बहादुरगंज क्षेत्र में कोटेदारों की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित कोटे से कम राशन दिया जा रहा है और विरोध करने पर राशन कार्ड से नाम कटवाने की धमकी दी जा रही है।
शिकायत के अनुसार, कोटेदार दिनेश गुप्ता और श्रीकिशुन सहित कई लोग फिंगरप्रिंट लगवाने के बाद राशन अगले दिन देने की परंपरा बना चुके हैं। आरोप है कि ये कोटेदार शासन द्वारा उपलब्ध कंप्यूटराइज्ड इलेक्ट्रॉनिक कांटे का उपयोग केवल दिखावे के लिए करते हैं। कार्ड धारकों के अनुसार, कोटेदार पहले से तैयार अलग-अलग बोरे रखकर वजन की प्रक्रिया में गड़बड़ी करते हैं।
प्लास्टिक बाल्टी से तौलकर की जाती है हेराफेरी
ग्रामीण राजवती देवी ने बताया कि कोटेदार निजी कांटे और प्लास्टिक बाल्टी से राशन तौलते हैं, जिससे बाल्टी के वजन के बराबर राशन बच जाता है। वहीं नौशाद अहमद ने बताया कि “मेरा आठ यूनिट का कार्ड है, लेकिन कोटेदार सिर्फ छह यूनिट का राशन देता है। बाकी मांगने पर धमकी देता है कि कार्ड कटवा दूंगा।”
पहले भी हुई थी शिकायत, कार्रवाई नहीं हुई
⚖️ ग्रामीणों की आवाज़:
👩🌾 राजवती देवी (कार्ड धारक):
“कोटेदार अपने निजी कांटे से तौलते हैं, प्लास्टिक बाल्टी का वजन भी जोड़ लेते हैं, जिससे राशन घट जाता है।”
👨🌾 नौशाद अहमद:
“मेरा आठ यूनिट का कार्ड है, लेकिन राशन सिर्फ छह यूनिट का मिलता है। विरोध करने पर धमकी देता है कि कार्ड कटवा दूंगा।”
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🧑💼 जांच और आरोप:
दो महीने पहले ग्रामीणों ने विभाग में शपथ पत्र देकर शिकायत की थी। जांच में आरोप सही पाए गए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कोटेदार खुलेआम नियम तोड़ रहे हैं।
करीब दो महीने पहले ग्रामीणों ने शपथ पत्र देकर विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें घटतौली, यूनिट से कम राशन देना और विलंबित वितरण जैसे गंभीर आरोप लगे थे। जांच में आरोप सही पाए गए, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई। इससे कार्ड धारकों में गहरा रोष है और विभागीय मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
विभागीय अधिकारी ने माना नियम उल्लंघन
इस संबंध में पूछे जाने पर एआरओ प्रभाकर देव ने बताया कि “शासन के निर्देश के अनुसार फिंगर लगवाने के बाद तुरंत कंप्यूटराइज्ड कांटे से राशन देना और पर्ची जारी करना अनिवार्य है। यदि कोई कोटेदार ऐसा नहीं कर रहा है तो यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।”
📢 “सरकार ने पारदर्शिता के लिए इलेक्ट्रॉनिक कांटे दिए… लेकिन कोटेदारों की मनमानी ने गरीबों का हक छीन लिया!”
📢 “सरकार कहती है पारदर्शिता लाओ, लेकिन कोटेदार अभी भी घटतौली से नहीं बाज आ रहे। क्या प्रशासन कार्रवाई करेगा?”
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🎯 “आपकी आवाज़ – आपका हक”









