
वीरांगना झलकारी बाई की जयन्ती पर निकली भव्य शोभायात्रा, नगर की गलियाँ गुंजायमान
फिरोजाबाद, 30 नवम्बर 2025 (रविवार)।
आज मुहल्ला झलकारी नगर, गली नं.-1 स्थित वीरांगना झलकारी बाई जूनियर हाई स्कूल से वीरांगना झलकारी बाई की जयन्ती के अवसर पर एक भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा ने नगर में उत्साह, गौरव और सामाजिक एकता का अद्भुत माहौल बना दिया।
शोभायात्रा का शुभारम्भ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद झलकारी नगर से निकलकर यह जलेसर रोड, फिरोजाबाद क्लब, बर्फ खाना चौराहा, सेंट्रल टॉकीज होते हुए प्रतिभा स्थल पर पहुँची, जहाँ कार्यक्रम का समापन किया गया। पूरे मार्ग में भारी संख्या में मौजूद लोगों ने जयकारों के साथ वीरांगना की स्मृति को नमन किया।
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वीरांगना झलकारी बाई: साहस और बलिदान की प्रतीक
1857 के स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना झलकारी बाई रानी लक्ष्मीबाई की निजी अंगरक्षक और दाहिने हाथ मानी जाती थीं। दुश्मनों से घिरी स्थितियों में कई बार उन्होंने रानी का रूप धारण कर अंग्रेजों को भ्रमित किया, जिससे रानी सुरक्षित निकल सकीं। उनका पराक्रम, नारी-शक्ति और देशभक्ति आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इसी गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए नगरवासियों ने आज बड़ी धूमधाम से यह शोभायात्रा निकालकर वीरांगना को श्रद्धांजलि दी।
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मुख्य अतिथि एवं गणमान्य जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामकिशोर शंखवार ने की, जबकि महामंत्री नरेश कुमार और कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार ने संपूर्ण आयोजन का संचालन किया।
शोभायात्रा का उद्घाटन निम्न विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया—
मा. राकेश शंखवार, पूर्व महानगर अध्यक्ष (भाजपा),
मा. रमाकांत उपाध्याय, सदस्य, गोसेवा आयोग,
डा. वी.पी. सिंह शंखवार, प्रदेश उपाध्यक्ष, अखिल भारतीय युवा कोरी/कोली समाज (रजि.),
इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजनों एवं युवा ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।
इनमें प्रमुख रूप से—
रोहित कुमार शंखवार, डा. अनुपम शर्मा, श्याम सिंह, अनिल कुमार (पार्षद), बलवीर सिंह, गनपति सिंह (पूर्व सभासद), दिनेश कुमार, प्रमोद कुमार, विवेक कुमार, अभय कबीर पंथी, राजेश कुमार (पार्षद), रामनरेश, मुगल किशोर, जयकिशन, छोटेलाल, मुन्शीलाल आदि शामिल रहे।
उत्साह, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समाजिक संदेश
शोभायात्रा में सांस्कृतिक झांकियाँ, वीरांगना झलकारी बाई के जीवन से जुड़े दृश्य, ढोल-नगाड़ों की थाप और विभिन्न सामाजिक संगठनों की सहभागिता आकर्षण का केंद्र रही।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने वीरांगना के त्याग, पराक्रम और नारी-सशक्तिकरण के संदेश को विस्तार से प्रस्तुत किया।
समापन
प्रतिभा स्थल पर हुई सभा में अतिथियों ने समाज की एकता, युवाओं की भूमिका और वीरांगना झलकारी बाई के आदर्शों को आत्मसात करने का आग्रह किया। आयोजकों ने सभी नागरिकों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।














