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सीधी। वैसे तो यह बात सुनने में कोई गंभीर नहीं है और ना ही आश्चर्यजनक लगती है लेकिन इस बात में गंभीरता तब आ जाती है जब यह कारनामा मनरेगा के तहत किया जाता है जो कम आश्चर्यजनक भी नहीं है।
मध्यप्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी बाहुल्य विकासखंड क्षेत्र कुसमी के ग्राम पंचायत करैल में इंद्रजीत पिता सोभनाथ यादव का 2 अक्टूबर 2022 को जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15-007-037-009/4-B बनाया गया जिसमें इंद्रजीत और उनकी पत्नी सियावती का नाम शामिल किया गया। इस जॉब कार्ड में सियावती को 30 अक्टूबर 2022 से 5 नवंबर 2022 तक प्रधानमंत्री आवास क्रमांक एमपी 150005077 में काम करना लेख किया गया है वहीं इंद्रजीत पिता सोभनाथ के नाम पर 14 अप्रैल 2022 को बनाए गए एक अन्य जॉब कार्ड क्रमांक एमपी- 15- 007-037-004/25-B में इंद्रजीत के अलावा उनके पिता सोभनाथ और पत्नी सियावती को शामिल किया गया है। इस जॉब कार्ड में भी सियावती को 30 अक्टूबर 2022 से 5 नवंबर 2022 तक प्रधानमंत्री आवास क्रमांक एमपी 15 12000 58 में काम करना लेख किया गया है।
ग्राम पंचायत करैल में पदस्थ रोजगार सहायक शिव प्रसाद यादव जो कि लगभग 2 दशकों से प्रभारी सचिव के रूप में भी काम कर रहे हैं की उत्कृष्ट कार्य कुशलता का यह अद्भुत नमूना है जिसे शायद फर्जी दस्तावेज का संधारण और धोखाधड़ी हुआ गबन का मामला कहा जा सकता है। लेकिन अगर इसकी जांच पीसीओ से कराई जाए तो फिर निश्चित रूप से अपनी जांच प्रतिवेदन में यह लिखेंगे की एक जगह सियावती दिन में काम कर रही थी और दूसरी जगह रात में तो भला इसमें प्रभारी सचिव और रोजगार सहायक का भला क्या दोष है और फर्जी दस्तावेज तो बिल्कुल नहीं बनाए गए हैं जबकि हकीकत यह है कि इंद्रजीत पिता सोभनाथ के पांच जॉब कार्ड प्रभारी सचिव बेरोजगार सहायक शिव प्रसाद यादव द्वारा बनाकर लाखों की हेरा फेरी की गई है।
सीधी। वैसे तो यह बात सुनने में कोई गंभीर नहीं है और ना ही आश्चर्यजनक लगती है लेकिन इस बात में गंभीरता तब आ जाती है जब यह कारनामा मनरेगा के तहत किया जाता है जो कम आश्चर्यजनक भी नहीं है।












