
सोनकच्छ से महेश की रिपोर्ट 
सोनकच्छ क्षेत्र में एक नाबालिग द्वारा सुनाई गई अपहरण की सनसनीखेज कहानी से कुछ समय के लिए क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मामला प्रथम दृष्टया गंभीर प्रतीत होने पर पुलिस महकमा सतर्क हो गया, लेकिन थाना प्रभारी अजय गुर्जर की सूझबूझ, तत्परता और तकनीकी जांच के चलते कुछ ही समय में पूरे मामले का खुलासा कर दिया गया। जांच में स्पष्ट हुआ कि अपहरण की कहानी पूरी तरह मनगढ़ंत थी।अपहरण की कहानी से मचा था हड़कंप – जानकारी के अनुसार 14 वर्षीय नाबालिग अर्पित, पिता लक्ष्मी नारायण, अपने परिजनों के साथ थाना सोनकच्छ पहुंचा और बताया कि सुबह करीब 8:30 बजे स्कूल बस का इंतजार करते समय दो युवक पल्सर मोटरसाइकिल से आए और जबरन उसका अपहरण कर ले गए। बालक का दावा था कि आरोपियों ने उसे कोई नशीला पदार्थ सुंघाया, जिससे वह बेहोश हो गया।होश आने पर उसने बाइक से कूदकर जान बचाने की बात कही। उसने यह भी बताया कि एक ट्रक चालक ने उसकी मदद की और 112 नंबर पर कॉल कर उसे थाने पहुंचाया।थाना प्रभारी अजय गुर्जर के निर्देश पर शुरू हुई त्वरित जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी अजय गुर्जर ने बिना समय गंवाए पुलिस टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। घटनास्थल सहित आसपास के क्षेत्रों, मार्गों और टोल नाकों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच कराई गई।सीसीटीवी फुटेज में नाबालिग किसी भी प्रकार से जबरन ले जाया जाता नहीं दिखा, बल्कि वह स्वेच्छा से आगे बढ़ता हुआ नजर आया। टोल नाकों की रिकॉर्डिंग में भी अपहरण जैसी कोई घटना सामने नहीं आई, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया।
पूछताछ में टूटा नाबालिग, कबूली सच्चाई
सख़्त पूछताछ के दौरान नाबालिग टूट गया और उसने स्वीकार किया कि स्कूल में कुछ शिक्षकों के व्यवहार से नाराज़ होकर उसने अपहरण की झूठी कहानी रची थी, ताकि स्कूल न जाना पड़े।समझाइश देकर परिजनों को सौंपा गया बालक थाना प्रभारी अजय गुर्जर ने नाबालिग को समझाइश दी और परिजनों को झूठी सूचना देने के गंभीर कानूनी व सामाजिक परिणामों से अवगत कराते हुए बालक को उनके सुपुर्द कर दिया।




