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बड़ी खबर: ‘यादव की लव स्टोरी’ फिल्म पर बवाल, अखिल भारतीय यादववंशी महासभा ने पीएम को भेजी शिकायत

हरदोई (उत्तर प्रदेश)। 27 फरवरी 2026 को प्रस्तावित फिल्म “यादव की लव स्टोरी” को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अखिल भारतीय यादववंशी महासभा हरदोई (रजि) ने फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित एक औपचारिक शिकायत पत्र प्रेषित किया है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि फिल्म के पोस्टर, ट्रेलर और सोशल मीडिया प्रचार सामग्री में यादव समाज को “आपत्तिजनक और गलत तरीके” से प्रस्तुत किया गया है, जिससे सामुदायिक भावनाएं आहत हो रही हैं।

महासभा के जिलाध्यक्ष हरिनाम सिंह यादव द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यदि फिल्म की बिना जांच प्रदर्शन की अनुमति दी गई, तो इससे सामाजिक तनाव, वैमनस्य और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। पत्र के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लोगों में रोष और असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संगठन ने प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर जांच कराए जाने तथा जांच पूरी होने तक फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है।

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि—

1. समाज में वैमनस्य एवं तनाव बढ़ सकता है।

2. विभिन्न समुदायों के बीच शांति भंग हो सकती है।

3. कानून एवं व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है।

4. सार्वजनिक अशांति फैलने की आशंका है।

महासभा ने कहा है कि वे आवश्यक साक्ष्य—जैसे पोस्टर, सोशल मीडिया लिंक और अन्य प्रचार सामग्री—जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। पत्र की प्रतिलिपि गृह मंत्री और सूचना एवं प्रसारण मंत्री को भी भेजी गई है, ताकि मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रशासन की भूमिका पर नजर
अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और केंद्र सरकार की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या फिल्म के कंटेंट की समीक्षा के लिए संबंधित प्राधिकरणों से रिपोर्ट तलब की जाएगी? क्या सेंसर बोर्ड स्तर पर विशेष परीक्षण होगा? फिलहाल इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

सेंसर प्रक्रिया क्या कहती है?
भारत में किसी भी फिल्म के सार्वजनिक प्रदर्शन से पूर्व उसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होता है। यदि किसी वर्ग या समुदाय को फिल्म की सामग्री से आपत्ति है, तो वे संबंधित प्राधिकरण के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऐसे मामलों में प्रायः कंटेंट की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन या चेतावनी जारी की जाती है।

सोशल मीडिया पर बहस तेज
फिल्म के समर्थन और विरोध में सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ी हुई है। एक वर्ग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है, तो दूसरा वर्ग सामुदायिक सम्मान और सामाजिक सद्भाव को प्राथमिकता देने की मांग कर रहा है।

फिलहाल स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। प्रशासनिक स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं और फिल्म की रिलीज तय तिथि पर होती है या नहीं—इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

VAIBHAV SHRIVASTAVA HARDOI UP

VANDE BHARAT LIVE TV NEWS Bureau chief HARDOI UTTAR PRADESH
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