“फुटहिया ओवरब्रिज बना अपराधियों का ‘कब्रिस्तान’: थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की टीम ने दबोचा धोखाधड़ी का गैंग!”
नगर पुलिस के हत्थे चढ़े तीन शातिर जालसाज, सलाखों के पीछे हुआ 'सफेदपोश' मंसूबों का अंत!"
अजीत मिश्रा (खोजी)
बस्ती की धरती पर ‘अपराधियों का साम्राज्य’ नहीं, अब ‘खाकी का खौफ’ बोलेगा!
ब्यूरो रिपोर्ट: बस्ती मंडल
बस्ती जनपद की फिजाओं में अब ‘अपराध’ का शोर कम और ‘खाकी’ की धमक ज्यादा सुनाई दे रही है। शहर की शांति को अपनी जागीर समझने वाले शातिर बदमाशों के लिए अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। इसका ज्वलंत उदाहरण मंगलवार सुबह नगर थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जब थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और उनकी जांबाज टीम ने अपराधियों की कमर तोड़ते हुए तीन शातिर जालसाजों को सलाखों के पीछे धकेल दिया।
फुटहिया ओवरब्रिज पर लगा ‘न्याय’ का पहरा
मंगलवार सुबह करीब 7:35 बजे का वक्त था। लखनऊ-बस्ती मार्ग पर स्थित फुटहिया ओवरब्रिज के पास जब ये शातिर अपराधी अपनी सफेद विटारा ब्रेजा कार में सवार होकर किसी नई साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे, तभी नगर पुलिस और SOG टीम के चक्रव्यूह ने उन्हें दबोच लिया। यह महज एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उन अपराधियों के मुंह पर तमाचा है जो खुद को कानून से ऊपर समझते थे।
कौन हैं ये ‘जालसाज’?
पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपियों की पहचान अफाउल्लाह (निवासी मिल्लतनगर, बस्ती), फारूक अहमद (निवासी रहमतगंज, बस्ती) और सलीम (निवासी नौगढ़, सिद्धार्थनगर) के रूप में हुई है। इनके पास से बरामद मोबाइल और लग्जरी गाड़ी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि इनका जाल कितना गहरा और व्यापक था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन पर पहले से ही चोरी, मारपीट और धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं। यानी, ये अपराधी बार-बार कानून को चुनौती दे रहे थे, लेकिन शायद इन्हें यह नहीं पता था कि अब बस्ती की कमान ऐसे हाथों में है जो अपराधियों को उनकी सही जगह दिखाना बखूबी जानते हैं।
पुलिस की पीठ पर ‘मजबूत हाथ’
थाना अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह की सक्रियता और SOG प्रभारी निरीक्षक विकास यादव के नेतृत्व में हुई यह कार्रवाई दर्शाती है कि अब बस्ती पुलिस ‘सक्रिय’ मोड में है। चौकी प्रभारी फुटहिया शैलेश कुमार यादव और उपनिरीक्षक रामसजन सहित पूरी टीम ने जिस तत्परता से काम किया है, वह उन तत्वों के लिए चेतावनी है जो जिले की शांति व्यवस्था को भंग करने का दुस्साहस करते हैं।
अपराधियों को सीधी चेतावनी
यह गिरफ्तारी उन तमाम लोगों के लिए एक संदेश है जो अपराध को पेशा बना चुके हैं। बस्ती की पुलिस अब केवल फाइलों में काम नहीं कर रही, बल्कि सड़क पर उतरकर अपराधियों का हिसाब-किताब कर रही है। अब न तो फुटहिया और न ही बस्ती का कोई कोना, अपराधियों की पनाहगाह बनेगा।










