उत्तर प्रदेशबस्ती

हर्रैया पुलिस की बड़ी कार्रवाई: महाकाल रेस्टोरेंट पर छापा, 10 किलो अवैध गांजे के साथ शातिर तस्कर गिरफ्तार।

लेकिन इस खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इसके आसपास के इलाके—दुबौलिया, छावनी और विक्रमजोत—पूरी तरह सुरक्षित और अछूते हैं?

अजीत मिश्रा (खोजी)

खाकी की एक बड़ी सफलता, पर तस्करों के सुरक्षित अड्डों पर खामोशी क्यों?

  • कांवड़ यात्रा को कलंकित करने की साजिश बेनकाब: नेपाल से गांजा लाकर कांवड़ियों और राहगीरों को बेचता था आरोपी शनि कुमार उर्फ रवि।
  • बरामदगी पर उठे गंभीर सवाल: हर्रैया में खुलासे के बाद चर्चा तेज—क्या दुबौलिया, छावनी और विक्रमजोत इलाके अब भी नशे के सौदागरों के लिए सेफ जोन बने हुए हैं?
  • एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज: पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर भेजा न्यायालय, बड़े सिंडिकेट तक पहुंचने की उठी मांग।

हर्रैया (बस्ती): एक तरफ सावन के पवित्र महीने में पूरा इलाका भगवान शिव की आराधना और कांवड़ यात्रा के जयकारों से गूंज रहा है, वहीं दूसरी तरफ कुछ असामाजिक तत्व इसी पावन अवसर को अपनी अवैध कमाई का जरिया बनाने में जुटे हैं। ताजा मामला हर्रैया थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 10 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।

​लेकिन यह कार्रवाई जितनी राहत देने वाली है, उससे कहीं ज्यादा गंभीर सवाल खड़े करती है—क्या नशे का यह काला कारोबार सिर्फ हर्रैया कस्बे तक ही सीमित है?

​कार्रवाई एक नजर में:

  • स्थान: रोडवेज बस स्टॉप के पास, महाकाल रेस्टोरेंट, हर्रैया।
  • बरामदगी: 10 किलो अवैध गांजा (दो पैकेटों में) और 1,200 रुपये नकद।
  • गिरफ्तार आरोपी: शनि कुमार उर्फ रवि (निवासी वार्ड नंबर-06, हनुमान गढ़ी, कस्बा हर्रैया)।
  • मोडस ऑपरेंडी: आरोपी नेपाल से गांजा लाकर छोटी-छोटी पुड़िया बना रहा था और कांवड़ियों व राहगीरों को निशाना बनाकर बेच रहा था।
  • मुकदमा: मु0अ0सं0 231/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया।

​सुलगते सवाल: क्या सिर्फ हर्रैया ही ड्रग्स के जद में है?

​हर्रैया पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, क्योंकि आरोपी का यह कुकर्म न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि आस्था के महापर्व को भी कलंकित करने वाला था। लेकिन इस खुलासे के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या इसके आसपास के इलाके—दुबौलिया, छावनी और विक्रमजोत—पूरी तरह सुरक्षित और अछूते हैं?

  • सफेदपोश नकाब बेनकाब: बस्ती जिले में भाजपा का नामित सभासद ही गांजा तस्कर निकला, जिसे हर्रैया पुलिस ने 10 किलो अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
  • महाकाल टी स्टॉल पर छापा: मुखबिर की खास सूचना पर पुलिस ने हर्रैया स्थित महाकाल टी स्टॉल पर कार्रवाई करते हुए आरोपी शनि को हिरासत में लिया।
  • कांवड़ यात्रा में खपाने की थी साजिश: प्रारंभिक पूछताछ और पुलिस खुलासे के अनुसार, इस भारी मात्रा में लाए गए गांजे को कांवड़ यात्रा के दौरान रास्तों और तीर्थयात्रियों के बीच खपाने की खतरनाक तैयारी थी।
  • राजनीतिक संरक्षण पर सवाल: सबसे बड़ा और हैरान करने वाला पहलू यह है कि क्राइम हिस्ट्री (अपराधिक इतिहास) होने के बावजूद भाजपा संगठन ने ऐसे आरोपी को नामित सभासद की कुर्सी सौंप रखी थी।
  • पुलिस की अगली कार्रवाई: हर्रैया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही कई अन्य जगहों पर छापेमारी की जाएगी।

​अपराधियों को पालने-पोसने वाले कौन?

​जब खाकी ने शिकंजा कसा तो यह साफ हो गया कि तस्करों के हौंसले क्यों बुलंद थे। जब शासन और सत्ता में बैठे लोगों की मेहरबानी ऐसे अपराधियों पर होगी, तो फिर कानून का खौफ कैसे कायम रहेगा? जनता अब यह पूछ रही है कि क्या भाजपा नेताओं को यह नहीं पता था कि जिस शख्स को वे ‘नामित सभासद’ बनाकर मलाईदार ओहदा दे रहे हैं, उसका पुराना आपराधिक इतिहास क्या है?

​हर्रैया पुलिस की यह कार्रवाई तो सराहनीय है, लेकिन क्या पुलिस और प्रशासन इस बात की भी जांच करेगा कि इस नेक्सेस (गठजोड़) के तार किन-किन सफेदपोशों तक जुड़े हैं?

“जब तस्कर नेपाल सीमा या अन्य रास्तों से इतनी भारी मात्रा में खेप हर्रैया तक आसानी से पहुंचा रहा है, तो क्या इसकी जड़ें सीमावर्ती और neighbouring थानों के इलाकों तक नहीं फैली होंगी?”

 

  • दुबौलिया का किनारा: सरयू नदी के तटीय इलाके और सूनसान रास्ते अक्सर अपराधियों और तस्करों के लिए सेफ जोन माने जाते हैं। क्या वहां खाकी की नजरें कमजोर पड़ रही हैं?
  • छावनी और विक्रमजोत का दायरा: नेशनल हाईवे और सुदूर ग्रामीण अंचलों का यह बेल्ट क्या नशे के सौदागरों के लिए मुफीद बनता जा रहा है?

​अब बड़ी कार्रवाई की दरकार

​हर्रैया पुलिस ने एक मोहरा तो दबोच लिया है, लेकिन इस सिंडिकेट के असली सरगना (जो नेपाल या अन्य जगहों से सप्लाई दे रहे हैं) तक पहुंचना अभी बाकी है। यदि समय रहते दुबौलिया, छावनी और विक्रमजोत जैसे इलाकों में सघन चेकिंग अभियान नहीं चलाया गया, तो हर्रैया में हुई यह बरामदगी महज एक बानगी बनकर रह जाएगी और युवा पीढ़ी इस जहर के दलदल में धंसती चली जाएगी।

​अब देखना यह होगा कि क्या बस्ती पुलिस प्रशासन इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए कोई बड़ा और व्यापक अभियान चलाता है, या फिर यह मामला सिर्फ एक गिरफ्तारी तक ही सिमटकर रह जाता है?

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