मंदिर प्रांगण की खाली जमीनों पर जबरन अवैध कब्जे का आरोप, डीएम और एसपी को सौंपा गया शिकायती पत्र
एक तरफ जहां लाखों शिव भक्त कावड़ मेले के दौरान बाबा भदेश्वर नाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, वहीं दूसरी तरफ मंदिर परिसर के भीतर ही जमीनों के बंदरबांट और कब्जे को लेकर अपनों में ही ठन जाना धार्मिक आस्था के केंद्र पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
⚓ अजीत मिश्रा (खोजी)
भदेश्वर नाथ मंदिर विवाद: कावड़ मेले से ठीक पहले अवैध कब्जे को लेकर गरमाया माहौल, जिला प्रशासन की कार्यशैली पर उठे सवाल
- गोस्वामी परिवार के सदस्यों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर अवैध कब्जा हटवाने की की मांग
- समय रहते प्रशासनिक कदम नहीं उठाए गए तो बढ़ सकता है विवाद, कावड़ मेले से पहले प्रशासन के लिए चुनौती
मुख्य बिंदु:
- स्थान: बस्ती, उत्तर प्रदेश (ग्राम-भदेश्वर नाथ, मिश्रौलिया, थाना-कोतवाली)
- मुख्य मुद्दा: प्रसिद्ध बाबा भदेश्वर नाथ धाम के प्रांगण और मंदिर की जमीनों पर कुछ लोगों द्वारा जबरन अवैध कब्जा
- शिकायतकर्ता: राकेश गिरि एवं अन्य गोस्वामी परिवार के सदस्य / हिस्सेदार
- प्रशासनिक कदम: जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग
आगामी कावड़ मेले और पवित्र सावन मास के ठीक मुहाने पर बस्ती जिले के प्रसिद्ध बाबा भदेश्वर नाथ धाम परिसर में उपजा भूमि विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। मंदिर की पवित्र भूमि और प्रांगण पर कुछ दबंग किस्म के हिस्सेदारों द्वारा जबरन अवैध कब्जा किए जाने का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भदेश्वर नाथ (मिश्रौलिया) स्थित इस प्राचीन शिव मंदिर की देखरेख सैकड़ों वर्षों से गांव के गोस्वामी परिवार द्वारा अपने वंश और हिस्से के अनुसार की जाती रही है। इस बार सावन मास और कावड़ मेले की व्यवस्था संभालने की बारी जिस पट्टी की थी, उसी के कुछेक प्रभावशाली लोगों ने मंदिर की अधिकतर जमीनों पर बलपूर्वक कब्जा जमा लिया है। इसके चलते अन्य हिस्सेदारों के हक और अधिकारों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंदिर समिति के अध्यक्ष, कोषाध्यक्ष और तमाम गोस्वामी परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त शिकायती पत्र जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया है। ग्राम निवासी राकेश गिरि द्वारा 6 अगस्त 2026 को पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यदि समय रहते इन अवैध कब्जों को नहीं हटाया गया, तो विवाद और अधिक विकराल रूप धारण कर सकता है।
बड़ी चिंता: एक तरफ जहां लाखों शिव भक्त कावड़ मेले के दौरान बाबा भदेश्वर नाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं, वहीं दूसरी तरफ मंदिर परिसर के भीतर ही जमीनों के बंदरबांट और कब्जे को लेकर अपनों में ही ठन जाना धार्मिक आस्था के केंद्र पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले में त्वरित और विधिक कार्रवाई करते हुए निष्पक्षता से सभी हिस्सेदारों को उनका हक दिला पाता है या फिर किसी बड़े विवाद के भड़कने का इंतजार किया जाता है। मेला शुरू होने से पहले प्रशासन के लिए यह अग्निपरीक्षा साबित होगी।










