

KANTH (MORADABAD)। सावन माह की कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। उत्तराखंड के हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवभक्त कांवड़ियों की वापसी लगातार जारी है। कांवड़ यात्रा मार्गों पर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा क्षेत्र शिवमय बना हुआ है। श्रद्धालु अपने-अपने गंतव्य की ओर उत्साह और श्रद्धा के साथ बढ़ रहे हैं।

10 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार तथा 11 अगस्त को महाशिवरात्रि होने के कारण बड़ी संख्या में कांवड़िये जलाभिषेक के लिए अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। अधिकारी दिन-रात कांवड़ यात्रा मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।

कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यात्रा मार्गों पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, पेयजल, प्रकाश, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। निकटवर्ती जनपद बिजनौर से मुरादाबाद जनपद की सीमा में प्रवेश करने वाले कांवड़िये कांठ क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। इसी कारण प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और कांवड़ यात्रा सकुशल संपन्न हो सके।
Repo: Pankaj Kumar, Kanth ✍️




