
जेपीएससी-जेएसएससी नियुक्ति घोटालों की हो रिटायर्ड जज की निगरानी में जांच: एस अली
“2017 से अब तक हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं की जांच की मांग, जेपीएससी-जेएसएससी पर लगाए अनियमितताओं के आरोप”
रिपोर्टर / राशीद अंसारी
रांची। जेपीएससी एवं जेएसएससी की ओर से आयोजित विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्रों को झारखंड छात्र संघ ने समर्थन दिया है। संघ के केंद्रीय अध्यक्ष एस अली ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज की निगरानी में या विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर वर्ष 2017 से अब तक हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराई जाए।
अंजुमन इस्लामिया, रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में एस अली ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) की जांच सीआईडी से कराने का फैसला स्वागतयोग्य है। उन्होंने परीक्षा को रद्द करने के साथ ही 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा, झारखंड शिक्षा सेवा, सहायक लोक अभियोजक (एपीपी), सहायक वन संरक्षक, वन क्षेत्र पदाधिकारी, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी समेत अन्य नियुक्ति परीक्षाओं और परिणामों की भी जांच कराने की मांग की।
एस अली ने आरोप लगाया कि जेपीएससी की तरह जेएसएससी की कई नियुक्ति परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि कई परीक्षाओं के परिणाम बिना कटऑफ अंक जारी किए घोषित किए गए। साथ ही उन्होंने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर चयन और नियुक्ति का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में जारी उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के परिणाम, महिला पर्यवेक्षिका, माध्यमिक आचार्य, सीजीएल, पीजीटी, टीजीटी समेत अन्य नियुक्ति परीक्षाओं की जांच से कथित गड़बड़ियों का खुलासा हो सकता है।
इस मौके पर झारखंड छात्र संघ के केंद्रीय संगठन प्रभारी लतीफ आलम, केंद्रीय महासचिव रंजीत उरांव, मोहसिन हव्वारी, शहबाज हुसैन, नैय्यर सरताज, शंकर उरांव, छोटेलाल मुंडा, खालिद रजा और आलम अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद थे।



