बस्ती: पन्डूल-पेंदा बंधे पर सरकारी पेड़ों की अंधाधुंध कटान जारी, वन माफिया राम वृक्ष के हौसले बुलंद
क्या उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर वन माफिया राम वृक्ष और उसके संरक्षणकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई करेंगे, या फिर मिलीभगत का यह खेल यूं ही पर्यावरण और सरकारी संपत्ति को लीलता रहेगा?
अजीत मिश्रा (खोजी)
सरकारी पेड़ों पर आरा: वन विभाग और पुलिस की चुप्पी से हौसले बुलंद, लाखों का चूना
- एक महीने में कई स्थानों पर हरे पेड़ों का सफाया; दुबौलिया और कप्तानगंज क्षेत्र में माफिया ने चलाया आरा
- प्राथमिक विद्यालय मझियार और ग्राम पंचायत भरू में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई, मीडिया खुलासे के बावजूद सिर्फ खानापूर्ति
- वन विभाग कप्तानगंज और दुबौलिया पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल; माफिया के खिलाफ कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा प्रशासन
- अवैध कटान से सरकारी खजाने को लाखों की चपत लगने की आशंका, पर्यावरण को पहुंच रहा भारी नुकसान
बस्ती: जिले के कप्तानगंज वन रेंज के अंतर्गत पन्डूल-पेंदा बंधे पर सरकारी पेड़ों की अंधाधुंध कटान का मामला सामने आया है। वन माफिया राम वृक्ष के हौसله इतने बुलंद हैं कि वह एक महीने के भीतर कई स्थानों पर धड़ल्ले से हरे-भरे सरकारी पेड़ों का सफाया कर चुका है और अब बंधे पर बचे शेष पेड़ों को भी काटने की फिराक में जुटा है।
जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर खड़े होते सवाल
यह पूरा मामला सिर्फ पेड़ों की अवैध कटान का नहीं, बल्कि उससे जुड़े विभागों की संलिप्तता और सुस्त कार्यप्रणाली का भी है।
- मीडिया के खुलासे के बाद भी लीपापोती: मीडिया टीम द्वारा इस अवैध कटान का खुलासा पहले ही किया जा चुका है, बावजूद इसके कार्रवाई के नाम पर मामला केवल ‘लेन-देन’ और कागजी खानापूर्ति तक ही सीमित होकर रह गया है।
- कार्रवाई से कतरा रहा प्रशासन: कप्तानगंज वन विभाग और दुबौलिया पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल यह है कि आखिर वे वन माफिया राम वृक्ष के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई करने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहे हैं? क्या प्रशासनिक संरक्षण के बिना इस तरह खुलेआम सरकारी संपत्ति का विनाश संभव है?
कहां-कहां हुई अवैध कटान?
वन माफिया राम वृक्ष के नेटवर्क का दायरा सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है, बल्कि उसने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी जड़ें फैलाई हैं:
- दुबौलिया ब्लॉक: प्राथमिक विद्यालय मझियार के ठीक सामने खड़ा नीम का हरा-भरा पेड़ साफ करवा दिया गया।
- कप्तानगंज ब्लॉक: ग्राम पंचायत भरू में भारी संख्या में आम के पेड़ों पर आरा चलाकर उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया गया।
सरकारी खजाने को भारी चपत
यदि वन माफिया राम वृक्ष पर समय रहते नकेल नहीं कसी गई और हरे पेड़ों की यह कटान इसी तरह जारी रही, तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ सरकारी खजाने को लाखों रुपये का चूना लगना तय है।
बड़ा सवाल: क्या उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेकर वन माफिया राम वृक्ष और उसके संरक्षणकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई करेंगे, या फिर मिलीभगत का यह खेल यूं ही पर्यावरण और सरकारी संपत्ति को लीलता रहेगा?
इस खबर में दी गई सभी जानकारियां स्थानीय स्रोतों, मीडिया रिपोर्ट्स और पूर्व खुलासों के आधार पर संकलित की गई हैं।















