इटवा मॉडल शॉप बना नशे का अड्डा, गाड़ी में घूम-घूम कर बिक रहा गांजा
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कुछ सफेदपोशों का संरक्षण है, जिसके कारण कार्रवाई केवल कागजों तक सिमट कर रह जाती है। सुविधा शुल्क के आगे सिस्टम बेबस नजर आ रहा है।
अजीत मिश्रा (खोजी)
इटवा मॉडल शॉप के पास से गाड़ी में घूम-घूम कर बिक रहा गांजा, भांग की आड़ में युवा पीढ़ी को नशे के जाल में फंसाया जा रहा है
सिद्धार्थनगर / बस्ती मंडल : जिले में अवैध गांजा कारोबार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। तस्कर अब दुकान पर नहीं, सीधे गाड़ी से घूम-घूम कर गांजा बेच रहे हैं। सबसे चौंकाने वाला मामला इटवा का है, जहां मॉडल शॉप और लाइसेंसी भांग की दुकान की आड़ में खुलेआम अवैध नशे का कारोबार चल रहा है।
युवा पीढ़ी इस काले कारोबार की सबसे बड़ी शिकार बन रही है।
कैसे चल रहा है खेल?
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तस्करों का तरीका बेहद शातिर है।
- ठिकाना बदलो, धंधा चलाओ: ये तस्कर एक जगह टिक कर नहीं बैठते। खबर या पुलिस की भनक लगते ही अपनी जगह और गाड़ी बदल देते हैं।
- भांग की आड़ में गांजा: लाइसेंसी भांग की दुकानों के आसपास मंडराकर ग्राहकों को गांजा थमाया जा रहा है, जिससे आम लोगों को लगे कि यह वैध बिक्री है।
- सप्लाई चेन का जाल: सूत्रों का दावा है कि बाराबंकी, बहराइच से माल लाकर इटवा, डुमरियागंज, बांसी, जोगिया, उदयपुर, बर्डपुर होते हुए पूरे सिद्धार्थनगर शहर में सप्लाई की जा रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कुछ सफेदपोशों का संरक्षण है, जिसके कारण कार्रवाई केवल कागजों तक सिमट कर रह जाती है। सुविधा शुल्क के आगे सिस्टम बेबस नजर आ रहा है।
सूत्रों द्वारा एक स्थानीय व्यक्ति का नाम इस अवैध कारोबार में सबसे बड़े सप्लायर के तौर पर लिया जा रहा है। हालांकि यह आरोप सूत्रों के हवाले से है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि बस्ती मंडल न्यूज़ नहीं करता है। पुलिस को इस गंभीर आरोप की निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
प्रशासन मौन, व्यापारी बेखौफ
जिले में गांजा का कारोबार धड़ल्ले से जारी है और तस्करों में प्रशासन का कोई खौफ नहीं दिखता। दिन-दहाड़े गाड़ियों से बिक्री हो रही है और युवा नशे के काकस में फंसकर बर्बादी की ओर जा रहे हैं।
अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगी तो आने वाली पीढ़ी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी।
- इटवा मॉडल शॉप और भांग की दुकानों के आसपास लगे CCTV की जांच हो।
- गाड़ी से घूम-घूम कर बिक्री करने वाले नेटवर्क पर STF और नारकोटिक्स की संयुक्त छापेमारी हो।
- इस कारोबार को संरक्षण देने वाले सफेदपोशों के नाम उजागर किए जाएं।
क्या सिद्धार्थनगर पुलिस इस तीखी हकीकत पर संज्ञान लेकर बड़ी कार्रवाई करेगी, या फिर अगली खबर चलने तक तस्कर अपना ठिकाना बदल चुके होंगे?










