उत्तर प्रदेशबस्ती

बस्ती: हरैया थाना क्षेत्र में पुलिस और बड़े गांजा तस्करों की साठगांठ या बेबसी? छोटे तस्करों पर कार्रवाई, बड़े तस्कर मौज में।

छोटे-मोटे पैडलर्स पर खानापूर्ति की कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने वाली हरैया पुलिस के लिए यह किसी खुली चुनौती से कम नहीं है। अब देखना यह होगा कि क्या उच्चाधिकारी इस मामले का संज्ञान लेते हुए इन बड़े तस्करों और उनके संरक्षकों पर शिकंजा कसते हैं, या फिर यूं ही युवाओं का भविष्य नशे की भेंट चढ़ता रहेगा।

🚨हरैया में पुलिस की कार्रवाई सिर्फ छोटे माफियाओं पर, बड़े गांजा तस्करों को सियासी संरक्षण का आरोप🚨

  • सफेदपोशों की आड़ में नशे का साम्राज्य: राजनीतिक संरक्षण के बल पर हरैया में धड़ल्ले से बिक रहा स्मैक और गांजा।
  • राम सहाय और दुर्गेश सोनकर के इशारे पर चल रहा अवैध धंधा? सूत्रों के हवाले से हरैया के बड़े गांजा सप्लायरों के नाम बेनकाब।
  • पुलिस की आंखों में धूल: ब्लैक स्कॉर्पियो से उतरा था कई कुंतल गांजे का खेप, खुफिया तंत्र (L.I.U.) पूरी तरह फेल।
  • बर्बाद हो रहा युवा धन: हरैया क्षेत्र में नशे की गिरफ्त में फंसकर गर्त में जा रहा युवाओं का भविष्य, तस्कर हो रहे मालामाल।

बस्ती। हरैया थाना क्षेत्र में नशे के कारोबार का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई सिर्फ छोटे-छोटे पुड़िया बेचने वालों तक ही सीमित है, जबकि बड़े सप्लायर बेखौफ होकर अपना नेटवर्क चला रहे हैं।जनपद के हरैया थाना क्षेत्र में इन दिनों कानून व्यवस्था और खाकी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ पुलिस छोटे-मोटे गांजा तस्करों और फुटकर विक्रेताओं पर कार्रवाई कर अपनी पीठ थपथपा रही है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र के बड़े गांजा सप्लायर कानून को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम नशे का कारोबार चला रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हरैया क्षेत्र में स्मैक और गांजे की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है, जिससे युवा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। आरोप है कि इस पूरे कारोबार को सफेदपोश नेताओं का संरक्षण प्राप्त है।सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक, हरैया क्षेत्र में नशे का यह काला कारोबार कुछ सफेदपोश नेताओं के संरक्षण में फल-फूल रहा है। यही वजह है कि पुलिस का खुफिया विभाग (L.I.U.) पूरी तरह से नकारा साबित हो रहा है। बड़े तस्करों के नेटवर्क के आगे खाकी की आंखें बंद हैं और उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगती कि क्षेत्र में कब और कहां अवैध नशे की बड़ी खेप उतर रही है।

कई कुंतल की खेप का दावा
सूत्रों का दावा है कि कुछ हफ्ते पहले ही एक ब्लैक स्कॉर्पियो गाड़ी से हरैया क्षेत्र में कई कुंतल गांजे की खेप उतारी गई थी, जिसकी भनक तक पुलिस और खुफिया विभाग को नहीं लगी। इससे पुलिस के खुफिया तंत्र पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय चर्चा के अनुसार क्षेत्र में बड़े स्तर पर गांजा सप्लाई से जुड़े होने के आरोप राम सहाय, दुर्गेश सहित दूसरे पायदान पर दीपक और सुभाष नाम के व्यक्तियों पर लग रहे हैं। हालांकि इन नामों की पुष्टि आधिकारिक तौर पर नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि ये लोग पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर अपना कारोबार चला रहे हैं और मालामाल हो रहे हैं।

पुलिस का पक्ष आना बाकी
इस पूरे मामले में जब तक पुलिस का आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक बड़े नामों की संलिप्तता की पुष्टि करना मुश्किल है। जरूरत है कि बस्ती पुलिस अधीक्षक और हरैया थाना प्रभारी इस पूरे सिंडिकेट की गहनता से जांच कराएं और कॉल डिटेल, सर्विलांस और सोर्स नेटवर्क को एक्टिव करें।

क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं को नशे के दलदल में जाने से बचाया जा सके।

बड़ी विडंबना: जहां एक तरफ हरैया का युवा वर्ग स्मैक और गांजे की इस दलदल में फंसकर बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ बड़े गांजा तस्कर मालामाल हो रहे हैं।

 

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