आस्था के पर्व पर जहर का कारोबार: कांवड़ियों के बीच गांजा बेच रहा आदतन तस्कर गिरफ्तार, 850 ग्राम अवैध गांजा बरामद
सवाल यह उठता है कि आखिर बार-बार जेल की हवा खाने वाले ऐसे शातिर अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद कैसे हो जाते हैं कि वे पावन पर्वों पर भी अवैध कारोबार करने से नहीं डरते? क्या कानून की पकड़ से बचने के इनके रास्ते इतने सुगम हैं या फिर इन्हें समाज के इस अभिशाप की कोई परवाह नहीं है?
अजीत मिश्रा (खोजी)
पवित्र कांवड़ यात्रा की आड़ में जहर का कारोबार: कप्तानगंज पुलिस ने दबोचा आदतन तस्कर, एसपी यशवीर सिंह की सख्ती जारी
- बस्ती पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एसपी यशवीर सिंह के निर्देशन में कप्तानगंज पुलिस ने दबोचा NDPS का शातिर आरोपी
- जेल का खौफ खत्म! पहले से तीन गंभीर मुकदमे झेल रहा बलवन्त पाण्डेय कांवड़ यात्रा के दौरान फिर पहुंचा सलाखों के पीछे
- पवित्र माहौल को मैला करने की साजिश नाकाम: नकटीदेई के पास पुलिस के हत्थे चढ़ा नशे का सौदागर
देवभूमि और आस्था के इस देश में जहाँ एक ओर पूरा माहौल भगवान शिव की भक्ति और कांवड़ यात्रा की पवित्रता में सराबोर है, वहीं दूसरी ओर कुछ आपराधिक तत्व इस पावन अवसर को भी अपनी काली करतूतों का अड्डा बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से सामने आया ताजा मामला इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि कैसे कुछ शातिर लोग युवाओं और श्रद्धालुओं को नशे के दलदल में धकेलने की साजिश रच रहे हैं। हालांकि, एसपी यशवीर सिंह के निर्देशन में चल रहे कड़े अभियान के चलते इन अपराधियों के मंसूबों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल
कप्तानगंज थाने की पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नकटीदेई पूर्व माध्यमिक विद्यालय के पास घेराबंदी की और बलवन्त पाण्डेय (निवासी कटरूआ दलथम्मन सिंह) को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 850 ग्राम अवैध गांजा और अवैध बिक्री से जुटाए गए 4,520 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने खुद यह स्वीकार किया कि वह कांवड़ यात्रा के दौरान इस प्रतिबंधित जहर को खपाने की फिराक में था।
पुराना अपराधी, फिर भी कानून का खौफ नहीं!
यह घटना केवल एक नशे के सौदागर की गिरफ्तारी भर नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है। आरोपी बलवन्त पाण्डेय कोई नया खिलाड़ी नहीं है; उसके खिलाफ कप्तानगंज थाने में पहले से ही तीन गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से दो मामले सीधे तौर पर एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act 8/20) से संबंधित हैं।
सवाल यह उठता है कि आखिर बार-बार जेल की हवा खाने वाले ऐसे शातिर अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद कैसे हो जाते हैं कि वे पावन पर्वों पर भी अवैध कारोबार करने से नहीं डरते? क्या कानून की पकड़ से बचने के इनके रास्ते इतने सुगम हैं या फिर इन्हें समाज के इस अभिशाप की कोई परवाह नहीं है?
खाकी की मुस्तैदी: एक सख्त संदेश
इस पूरी कार्रवाई में थानाध्यक्ष आलोक कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व वाली पुलिस टीम की सतर्कता सराहनीय है। इस ऑपरेशन को सफल बनाने वाली टीम में
- एसआई मु. इस्लाम खान
- एचसी प्रदीप कुमार सिंह
- गणेश सिंह
- कांस्टेबल श्यामजीत यादव
शामिल रहे, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई कर एक बड़े खतरे को टाल दिया।
एसपी यशवीर सिंह के नेतृत्व में बस्ती पुलिस का यह अभियान उन तमाम असामाजिक तत्वों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है जो समाज की रगों में नशे का जहर घोलना चाहते हैं। अब आवश्यकता इस बात की है कि ऐसे आदतन अपराधियों को अदालती प्रक्रिया के तहत ऐसी कठोर सजा मिले, जो आने वाले समय में दूसरों के लिए एक कड़ा सबक साबित हो सके।











