




भाटखेड़ी / कंजार्डा
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी ग्राम भाटखेड़ी से श्री चारभुजानाथ की 10 वीं विशाल पैदल यात्रा का भव्य आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। रविवार को प्रातः काल से ही गांव में भक्तिमय माहौल बना रहा। सुबह विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं का विशाल जत्था ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और “जय श्री चारभुजानाथ की” के गगनभेदी जयघोष के साथ कंजार्डा स्थित प्रसिद्ध श्री चारभुजानाथ मंदिर के लिए रवाना हुआ।
इस पावन यात्रा में ग्राम भाटखेड़ी सहित आसपास के क्षेत्रों के बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, युवा, महिलाएं एवं बच्चे शामिल हुए। युवाओं में यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला, वहीं महिलाओं ने मंगल गीत गाते हुए यात्रा में भाग लिया। हाथों में ध्वजा और माथे पर चारभुजा नाथ का नाम लिए श्रद्धालु पूरे रास्ते भजनों पर झूमते-नाचते हुए चल रहे थे।
यात्रा भाटखेड़ी के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकली। इस दौरान पूरे गांव में जगह-जगह ग्रामीणों और नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर पैदल यात्रियों का आत्मीय स्वागत किया और उनकी मंगलमय यात्रा की कामना की। पूरे मार्ग में “चारभुजानाथ महाराज की जय” के जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
यात्रा की व्यवस्था को लेकर ग्रामवासियों और आयोजन समिति द्वारा सराहनीय इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रास्ते में जगह-जगह जलपान, फल, बिस्किट और चाय-नाश्ते के स्टॉल लगाए गए थे। सेवादारों द्वारा सभी पैदल यात्रियों को फल और अल्पाहार का वितरण किया गया।
उल्लेखनीय है कि श्री चारभुजानाथ मंदिर क्षेत्र का एक प्रसिद्ध और आस्था का केंद्र है। यहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भाटखेड़ी से कंजार्डा तक निकाली जाने वाली यह पैदल यात्रा पिछले 10 वर्षों से अनवरत जारी है और अब यह एक परंपरा बन चुकी है जो ग्रामीण एकता और धार्मिक आस्था का प्रतीक है।
यह पैदल यात्री दल कंजार्डा पहुंचकर श्री चारभुजानाथ मंदिर में भगवान के दर्शन-पूजन और महाआरती के साथ अपनी यात्रा का समापन करेगा। मंदिर परिसर में सभी यात्रियों के लिए प्रसादी और भंडारे की भी व्यवस्था की गई है।





