महराजगंज में निर्माणाधीन पोखरे में डूबे तीन बच्चे, तीनों की मौत
डीएम ने कार्यदायी संस्था पर FIR के दिए निर्देश, मृतकों के परिवार को 4-4 लाख की मदद
महराजगंज जनपद के थाना कोठीभार क्षेत्र के वार्ड संख्या-25, मीराबाई नगर के पोखरा टोला में रविवार को दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माणाधीन पोखरे में स्नान करने गए तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक राजबीर (13), नीतीश यादव (14), रोहन (13) और कृष्णा रौनियार (15) निर्माणाधीन पोखरे में स्नान करने गए थे। इसी दौरान नीतीश, रोहन और कृष्णा गहरे पानी में चले गए और डूब गए। राजबीर किसी तरह वहां से निकलकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही थाना कोठीभार पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों और गोताखोरों की मदद से तीनों बच्चों को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिसवा पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।
डीएम-एसपी पहुंचे अस्पताल, सुरक्षित बचे बच्चे की कराई जाएगी काउंसलिंग
घटना की सूचना पर जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी जिला अस्पताल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने हादसे में सुरक्षित बचे राजबीर से मुलाकात कर उसका हालचाल जाना और उसे ढांढस बंधाया।
डीएम ने अस्पताल प्रशासन को बच्चे की समुचित काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए, ताकि वह हादसे से हुए मानसिक आघात से उबर सके। साथ ही मृतक बच्चों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने और उनके पार्थिव शरीरों को सम्मानपूर्वक परिजनों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
निर्माणाधीन पोखरे में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, कार्यदायी संस्था पर FIR के निर्देश
अस्पताल के बाद डीएम और एसपी ने घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन पोखरे पर सुरक्षा मानकों और जरूरी एहतियाती व्यवस्थाओं की कथित अनदेखी सामने आने पर डीएम ने इसे गंभीर लापरवाही माना।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था दीपक कंस्ट्रक्शन के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा से जुड़े मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।
घटना की विस्तृत जांच के लिए जांच टीम गठित करने का भी निर्देश दिया गया है।
जिले के सभी निर्माण कार्यों की होगी जांच
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जनपद में चल रहे सभी निर्माण कार्यों का परीक्षण कराने और सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मृतकों के परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
डीएम और एसपी ने मृतक बच्चों के परिजनों से भी मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। जिलाधिकारी ने एसडीएम निचलौल को पीड़ित परिवारों को हरसंभव प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
साथ ही डीएम ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की और संबंधित अधिकारियों को सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन की अपील—निर्माणाधीन पोखरों से बच्चों को रखें दूर
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वर्षा ऋतु में निर्माणाधीन अथवा गहरे पोखरों, जलाशयों और अन्य जलस्रोतों के आसपास बच्चों को बिना निगरानी के न जाने दें। अभिभावक बच्चों पर विशेष ध्यान दें और उन्हें ऐसे स्थानों पर स्नान करने या खेलने से रोकें।
जिलाधिकारी ने दिवंगत बच्चों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दी जाएगी और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।