
– गोरखपुर विवि के परीक्षा नियंत्रक से भी छात्र कर चुके हैं शिकायत, सोमवार को प्राचार्य को दिया ज्ञापन
देवरिया। शहर के बीआरडी पीजी कॉलेज में सत्र 2022-23 के बीए प्रथम वर्ष के छात्र जो अब पांचवें सेमेस्टर में पहुंच चुके हैं। अंक पत्र में कॉलेज प्रशासन की गलती का फल दो वर्षों से भुगत रहे हैं। इस संबंध में वह गोरखपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक से ही भी गुहार लगा चुके हैं। कॉलेज प्रशासन भी छात्रों की समस्या का समाधान कराने में अक्षम साबित हो रहा है। प्राचार्य से छात्रों को सिवाय आश्वासन के कुछ हासिल नहीं हो रहा है। सोमवार को भी संबंधित छात्रों ने इस संबंध में प्राचार्य का पहले घेराव किया और इसके बाद ज्ञापन दिया।
बीआरडी पीजी कॉलेज में सत्र 2024-25 की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। सेमेस्टर प्रणाली लागू होने के बाद ही छात्रों को कई समस्याएं झेलनी पड़ रही है। परीक्षा आवेदन के दौरान जिन छात्रों ने कुछ अलग विषय भरा है, उनके प्रवेश पत्र पर इससे अलग विषय आ जाने से छात्र-छात्राओं को इसकी तैयारी के दौरान मुश्किलों के सामना करना पड़ता है। ताजा मामला यह है कि सत्र 2022-23 में बीए प्रथम वर्ष फर्स्ट सेमेस्टर में 150 से अधिक छात्रों ने प्रवेश लिया। बेसिक विषय के रूप में उन्होंने राजनीति शास्त्र में नामांकन कराया था, लेकिन अंकपत्र पर राजनीति विषय में बेसिक न होकर अन्य विषयों में बेसिक अंकित कर दिया गया है।
संबंधित विद्यार्थी इसमें सुधार के लिए दो वर्ष आठ माह से गोरखपुर विश्वविद्यालय से लेकर कॉलेज प्रशासन का चक्कर लगाने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है।
छात्रों को दिख रहा अंधकारमय भविष्य
कॉलेज में सत्र 2022-23 के बीए प्रथम वर्ष के छात्र अमन वर्मा, मोनू मद्धेशिया, छमेंद्र मल्ल, विकास सिंह, प्रवीण कुमार, विराट यादव जो अब पांचवें सेेमेस्टर में पहुंच चुके हैं, ने सोमवार को बताया कि प्रथम सेमेस्टर के बेसिक विषय राजनीति शास्त्र में नामांकन कराया था, लेकिन अंक पत्र पर राजनीति विषय में बेसिक न होकर अन्य विषयों में बेसिक चढ़ाया गया है। इसे सही कराने के लिए दो साल आठ माह से सभी छात्र कई बार कॉलेज प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। गोरखपुर विवि के परीक्षा नियंत्रक को भी अवगत कराया जा चुका हैं, हालांकि अभी तक इस गड़बड़ी को ठीक नहीं कराया जा सका है। ऐसे में हम सभी छात्रों को अपना भविष्य अंधकार में दिख रहा है।
नई शिक्षा नीति में गड़बड़ी के चलते ऐसा हो रहा है। धीरे-धीरे इसमें सुधार दिखेगा। यह समस्या कॉलेज से नहीं विश्वविद्यालय स्तर से हुई है। एक अगस्त को वह इस मामले को लेकर परीक्षा नियंत्रक व कुलपति से मिलेंगे। छात्रों की जो भी समस्याएं हैं उसका समाधान कराया जाएगा।
-प्रो. शरद चंद मिश्र, प्राचार्य, बीआरडी पीजी कॉलेज













