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आर्थिक अपराध शाखा (EOW) वाराणसी की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ठगी और जालसाजी के मामले में पिछले काफी समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त और कंपनी निदेशक आकाश कुमार को पुलिस टीम ने नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ चंदौली की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी था और चंदौली पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर इनाम घोषित किया गया था। पार्टनर और शेयरहोल्डर बनाने के नाम पर 44 लाख की चपत

आर्थिक अपराध शाखा (EOW) वाराणसी की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ठगी और जालसाजी के मामले में पिछले काफी समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त और कंपनी निदेशक आकाश कुमार को पुलिस टीम ने नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ चंदौली की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी था और चंदौली पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर इनाम घोषित किया गया था। पार्टनर और शेयरहोल्डर बनाने के नाम पर 44 लाख की चपत

आर्थिक अपराध शाखा (EOW) वाराणसी की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। ठगी और जालसाजी के मामले में पिछले काफी समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी अभियुक्त और कंपनी निदेशक आकाश कुमार को पुलिस टीम ने नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ चंदौली की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी था और चंदौली पुलिस अधीक्षक द्वारा उस पर इनाम घोषित किया गया था।

 

पार्टनर और शेयरहोल्डर बनाने के नाम पर 44 लाख की चपतमामला साल 2015 का है, जब नई दिल्ली स्थित ‘एस. आर. जी. पॉलीपेट प्राइवेट लिमिटेड’ (शराब व्यवसाय के नाम पर पंजीकृत कंपनी) के निदेशक आकाश कुमार और उसके साथी दीपक जायसवाल ने मिलकर एक बड़ी साजिश रची। दोनों ने मुगलसराय (चंदौली) के रहने वाले संतोष कुमार को कंपनी में निदेशक, शेयरहोल्डर और व्यावसायिक पार्टनर बनाने का लालच दिया।

 

झांसे में आकर संतोष कुमार ने अलग-अलग चेक के माध्यम से कुल 44 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसमें से:

 

आकाश कुमार के दो बैंक खातों में लगभग 17 लाख रुपये

 

दीपक जायसवाल के दो बैंक खातों में लगभग 12 लाख रुपये

 

कंपनी के दो बैंक खातों में लगभग 15 लाख रुपये भेजे गए।

 

धनराशि हड़पने के बाद दोनों आरोपियों ने संतोष कुमार को कंपनी के फर्जी शेयरहोल्डिंग दस्तावेज थमा दिए। इसके बाद न तो उन्हें कोई मुनाफा दिया गया और न ही उनकी मूल रकम वापस की गई।2017 में दर्ज हुआ था मुकदमा, EOW को सौंपी गई थी जांच

पीड़ित संतोष कुमार की शिकायत पर साल 2017 में चंदौली के थाना मुगलसराय में धारा 406, 467, 468, 471 और 120B IPC के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन ने इसकी जांच ईओडब्ल्यू (EOW) वाराणसी को सौंप दी थी। आपको बता दें कि इस मामले के एक अन्य आरोपी दीपक जायसवाल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

 

5 साल से गोवा में पहचान छिपाकर रह रहा था आरोपीएसपी ईओडब्ल्यू वाराणसी श्री प्रदीप कुमार के निर्देश पर फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था, जिसमें निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा, मुख्य आरक्षी छेदी सिंह और हेमंत सिंह शामिल थे।

 

गिरफ्तारी से बचने के लिए बदले ठिकाने: आरोपी आकाश कुमार (निवासी: पंचशील विहार, मालवीय नगर, नई दिल्ली) बेहद शातिर है। वह पुलिस से बचने के लिए दिल्ली के दो और धनबाद (झारखंड) का एक पता बदल चुका था। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह पिछले 5 सालों से अपनी पहचान और ठिकाना बदलकर गोवा में छिपकर रह रहा था।

 

ट्रांजिट रिमांड पर चंदौली ला रही पुलिस

मंगलवार (7 जुलाई 2026) की सुबह ईओडब्ल्यू की टीम ने पुख्ता सूचना के आधार पर जाल बिछाकर आरोपी आकाश कुमार को दिल्ली से धर दबोचा। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस टीम आरोपी को कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दिल्ली से चंदौली के लिए रवाना हो चुकी है, जहाँ उसे संबंधित न्यायालय में पेश किया जाएगा।

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