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मां का दूध शिशुओं के लिए है सर्वोत्तम आहार – डॉ. चंदन सिंह,

जिले में विश्व स्तनपान सप्ताह का हुआ विधिवत शुभारंभ

मां का दूध शिशुओं के लिए है सर्वोत्तम आहार – डॉ. चंदन सिंह,

जिले में विश्व स्तनपान सप्ताह का हुआ विधिवत शुभारंभ

संवाददाता कोजराज परिहार जैसलमेरIMG 20240801 WA0020

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जैसलमेर, 1 अगस्त । मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल बुनकर ने बताया कि शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए स्तनपान के प्रचार व समर्थन करने के लिए तथा प्रसव केन्द्रों पर बच्चे के जन्म के पश्चात शीघ्र स्तनपान एवं नई माताओं को सहायता प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित करते हुए जिले में विश्व स्तनपान सप्ताह का विधिवत शुभारंभ जिला स्तर पर गुरुवार को श्री जवाहिर चिकित्सालय स्थित एमसीएच विंग से किया गया। आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ चंदन सिंह ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं व धात्री महिलाओं को बताया कि स्तनपान हर नवजात के लिए अमृततुल्य होता है। मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण व सर्वोत्तम आहार माना जाता है, इसमें बच्चे के पोषण के लिए आवश्यक सभी चीजें इसमें समाहित होती हैं। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ नारायण राम ने बताया कि सभी माताओं को अपने नवजात शिशु को प्रथम 6 माह तक पोषण के लिए केवल मां का दूध ही पिलाना चाहिए । उन्होंने बताया कि 1 से 7 अगस्त तक मनाये जाने वाले विश्व स्तनपान सप्ताह में बाल मृत्युदर को कम करने, पोषण में सुधार व शिशु के विकास को बढाने में मां के दूध के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी । कार्यक्रम में उपस्थित डॉ दिनेश जांगिड़, डॉ सुमन खटाना व डॉ मघाराम द्वारा भी स्तनपान से होने वाले लाभों के बारे में माताओं को जागरूक किया गया, जिले के चिकित्सा संस्थानों व टीकाकरण सत्र स्थलों पर भी विश्व स्तनपान सप्ताह अंतर्गत विभागीय कार्मिकों द्वारा गर्भवती महिलाओं को शिशु को प्रथम 6 माह के लिए केवल स्तनपान और कम से कम 2 वर्ष तक स्तनपान जारी रखने के महत्व पर जानकारी प्रदान की गई । विभागीय कार्मिकों ने बताया कि सप्ताह के दौरान सामान्य व सिजेरियन सेक्शन से दोनो हीं प्रसवों की स्थितियों में जन्म के एक घण्टे के भीतर स्तनपान की शुरूआत सुनिश्चित की जावे। नवजात शिशु के लिए पीला गाढ़ा मां का दूध कोलेस्ट्रम संपूर्ण आहार होता है, जिसे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद एक घंटे के भीतर ही शुरू कर देना चाहिए, सामान्यता बच्चे को 6 महीने की अवस्था तक स्तनपान करवाया जाना चाहिए। शिशु को छह महीने की अवस्था और 2 वर्ष अथवा उससे अधिक समय तक स्तनपान कराने के साथ-साथ पौष्टिक पूरक आहार भी देना चाहिए। माँ का दूध बच्चे के लिए अनमोल उपहार है। नवजात शिशु और बच्चे को सुरक्षा और स्नेह तथा पर्याप्त पोषण की आवश्यकता होती है। इन सभी आवश्यकताओं को स्तनपान पूरा करता है। मां का दूध, बच्चे के सम्पूर्ण विकास हेतु पोषण का सबसे अच्छा स्रोत है तथा बच्चे को छह महीने की आयु तक मां के दूध के अलावा अन्य कोई वैकल्पिक आहार नहीं दिया जाना चाहिए।

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