
जिसमें अधिक से अधिक किसानो के खेतों में पानी पहुंचाने के लिए पैरी नदी में बांध, भैंसाझार परियोजना को पूर्ण करना, बांगो बांध से सिंचाई हेतु नहर का विस्तार सुतियापाठ जैसे विभिन्न बांधों में नहर विस्तार करना आदि।
फसल चक्र परिवर्तन के लिए दलहन तिलहन एवं मक्का की खरीदी जैसे धान हेतु किसान समृद्धि योजना दी जाती है उसी प्रकार दलहन व तिलहन को बढ़ावा देने खरीदी की जाए।
राजस्व विभाग में किसानों के भूमि संबंधी रिकार्ड को ऑनलाइन किया गया है जिसमें बहुत सी त्रुटियां है जिन्हें सुधारने हेतु किसानों के द्वारा विभाग को केवल सूचना दी जाए, सूचना के आधार पर किसानों का रिकॉर्ड सुधार किया जाए। किसानों से पुर्व के रिकॉर्ड न मांगे जाय किसानों का शोषण होता है। किसानों की कोई ग़लती नही है।
फौती, नामांतरण, पारिवारिक बटवारे को शपथ पत्र के आधार पर राजस्व निरीक्षक स्तर पर संपादित किया जाए। किसानों के द्वारा जमीन खरीदी पर पंजीयन के साथ ऑनलाइन नामांतरण किया जाए।
प्रदेश के सभी सेवा सहकारी समितियों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाय।
आगामी धान खरीदी में गतवर्ष के खरीदी दर ₹ 3100 में समर्थन मूल्य वृद्धि ₹ 117 को बढ़ाकर ₹ 3217 में खरीदी की जाय। धान का भुगतान समिति स्तर पर किया जाय। सभी सेवा सहकारी समिति में ₹ 10,000 तक आहरण के लिए पास मशीन की व्यवस्था किया जाय।
दंतेवाड़ा जिला एवं प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा प्राथमिकता के आधार खरीदी की व्यवस्था किया जाय।
प्रतिनिधि मंडल में डॉ बिशाल चंद्राकर जी, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य, श्री सुरेश चंद्रवंशी जी प्रांताध्यक्ष, श्री नवीन शेष जी प्रांत महामंत्री, श्री गजानंद दिघ्रसकर जी, प्रांत कोषाध्यक्ष, श्री तुलाराम जी प्रांत संगठन मंत्री, श्री देव प्रसाद तिवारी जी प्रांत मंत्री, श्री माधव सिंह प्रांत कार्यकारिणी सदस्य, श्री सागर जी अभियंता जल संसाधन विभाग उपस्थित रहे।













