
उ० प्र० सरकार के किस शासनादेश के तहत प्राइवेट एनजीओ भारत स्काउट गाइड के लिए सरकारी रिलीविंग ? – शिवानी जैन एडवोकेट
ऑल ह्यूमंस सेव एंड फॉरेंसिक फाउंडेशन की डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ शिवानी जैन एडवोकेट ने कहा कि तीनों सरकारी प्रधानाचार्य तलेसरा इंटर कॉलेज तलेसरा श्री डालेश कांकरान, प्रधानाचार्य बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज अलीगढ़ श्री अंबुज जैन, प्रधानाचार्य टीकाराम कन्या इंटर कॉलेज अलीगढ़ डॉक्टर इंदू सिंह जी ने लिखित में डॉक्टर कंचन जैन को यह दिया है कि जिला प्रशिक्षण आयुक्त गाइड श्रीमती ज्योति भार्गव महाविद्यालयों में बीएड प्राइवेट एनजीओ भारत स्काउट गाइड का प्रशिक्षक नियुक्त करती है। जबकि फर्जी नियुक्ति प्रकरण में श्रीमती ज्योति भार्गव की जांच चल रही है। जिला प्रशिक्षण आयुक्त की योग्यता न होते हुए भी श्रीमती ज्योति भार्गव को तीनों सरकारी प्रधानाचार्यो ने अपनी मनमानी करते हुए प्रादेशिक मुख्यालय लखनऊ एवं राष्ट्रीय मुख्यालय दिल्ली के नियम 115 व 117 की धज्जियां उड़ाते हुए नियम विरुद्ध उपरोक्त पद पर नियुक्त कर दिया। डॉ कंचन जैन ने सभी चार पत्रों को दिखाते हुए कहा कि प्रधानाचार्य बाबूलाल जैन इंटर कॉलेज श्री अंबुज जैन भी महाविद्यालयों के शिविर में प्रशिक्षक नियुक्त करते हैं ,स्काउट विंग और गाइड विंग दोनों में। जबकि श्री अंबुज जैन ने कहा कि हमारा गाइड विंग से कोई मतलब नहीं है।
मां सरस्वती शिक्षा समिति के प्रबंधक एवं मां सरस्वती गाइड कंपनी स्वतंत्र के संरक्षक इं० विपिन कुमार जैन, आलोक मित्तल एडवोकेट, डॉ अंजू लता जी, रविंद्र कुमार शर्मा पूर्व जिला संगठन आयुक्त हाथरस आदि ने कहा कि महाविद्यालय के लेटर हेड पर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री अंबुज जैन एवं अन्य उत्तर प्रदेश सरकार के किस शासनादेश के तहत प्रयोग कर रहे हैं। जबकि इन तीनों सरकारी प्रधानाचार्यो ने यह कैसे लिख कर दिया है कि श्रीमती ज्योति भार्गव महाविद्यालयों में प्रशिक्षक नियुक्त करती हैं। श्रीमती ज्योति भार्गव सहायक अध्यापक महेश्वर कन्या इंटर कॉलेज अलीगढ़ तो अपनी ही ड्यूटी महाविद्यालय के लेटर हेड पर लिखकर स्वयं ही लगाती है। नमूना आप सभी देख सकते हैं।
जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़ का यह कहना है कि महाविद्यालयों से हमारा कोई संबंध नहीं है।
तो फिर महाविद्यालयों में शिविर कराने की अनुमति प्राइवेट एनजीओ भारत स्काउट गाइड के शिविरों में इंटर कॉलेज के सरकारी प्रधानाचार्य प्रवक्ताओं की ड्यूटी उत्तर प्रदेश सरकार के किस शासनादेश के तहत लगाई जाती है एवं सरकारी रिलीविंग दी जाती हैं सरकारी वेतन के साथ महाविद्यालय से मानदेय एवं अन्य खर्चे भी दिलवाएं जाते हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक अलीगढ़ मंडल, जिला विद्यालय निरीक्षक अलीगढ़ द्वारा जांचे तो लिखी गई मगर जांच की रिपोर्ट आने से पहले शिकायतकर्ता को ही प्रतिबंधित कर दिया गया।
शिवानी जैन एडवोकेट
डिस्ट्रिक्ट वूमेन चीफ















