
रिपोर्ट:- देवेन्द्र सुथार
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रोहट खंड के कलाली मण्डल का पथ संचलन व कलाली शाखा का वार्षिक उत्सव मनाया गया कलाली मंडल कार्यवाह शकंर जी पटेल ने बताया की पथ संचलन में
कलाली,रामपुरा,ललाकी,भुरियासनी,सांवलताकला,सांवलताखुर्द,आंटण आदि गाँव के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मंहत श्री गणपत भारती जी कलाली महादेव मठ के मठधीश व कार्यक्रम के जिला संपर्क प्रमुख प्रकाश जी बोमादड़ा ने अपने उद्धबोधन में बताया की 1925 में विजय दशमी के दिन संघ की स्थापना हुई, संघ स्थापना हिन्दू समाज को संगठित और भारत को बलशाली राष्ट्र बनाने के लिए डाक्टर हेडगेवार द्वारा की गई।पूरी दुनिया को ज्ञान देने वाला भारत था, वेदो की शिक्षा देने वाली धन , धान्य से परिपूर्ण इसलिए भारत सोने की चिड़िया कहलाता है माँ, की रक्षा, करने वाले, वह हिन्दू है।
धर्म, जाति में नहीं बंटे यह संघ का दायित्व है कि वह एकता में विश्वास रखने वाला है।
गांवो में शिष्टाचार, परिवार, पर्यावरण की की रक्षा करना श्रेष्ट बनाना ऐसा भाव लेकर कार्य करना संघ के स्वयं सेवक का हो
डा. हेद्गवार जी के हर गाँव में शाखा लगे व भारत माता की जयकार रहे।
उन्होंने अपने उद्धबोधन में बताया की संघ के 100 साल होने जा रहे है और संघ शताब्दी वर्ष में स्वयंसेवकों से पंच प्रण के बारे में बताया पंच प्रण *सामाजिक समरसता* इसके लिए हिन्दू समाज को सारे भेद भाव मिटाकर संगठित होने की आवश्यकता हैं। *कुटुम्ब प्रबोधन* जो परिवार में एक साथ बैठकर भोजन,संतसंग करना जिससे परिवार में एकता भाव बना रहें। *पर्यावरण संरक्षण* अधिकतम पेड़ लगना, पेड़ों की सुरक्षा करना,जल का संरक्षण करना और प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करना बताया। *स्वदेशी भाव* अपने देश में बनी हुई वस्तुओ का प्रयोग करना। नागरिक कर्तव्य* जो अपने संविधान में अधिकार दे रखे हैं इनके पूरक कुछ कर्तव्य भी है उनका पालन करना।
स्वयंसेवको द्वारा कलाली गांव के मुख्य मार्गो से घोष वादन के साथ कदम से कदम मिलाते हुए पथ संचलन निकाला गया।
पथ संचलन का जगह जगह ग्राम वासियो और व्यापारियों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
पंथ संचलन में संघ के खंड कार्यवाह रामनिवास सुखाडिया,पारस जी कानाराम जी कमल जी राजु जी सुथार रमेश जी पटेल अशोकदास जी राजू जी सेन व ग्रामीणों का सहयोग रहा।









