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बड़ी खबर: किसान नेताओं पर हो रहे हमले – उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में! फतेहपुर में जिला उपाध्यक्ष की हत्या के बाद, अब सहारनपुर में युवा अध्यक्ष पर जानलेवा हमला!

भाकियू नेताओं को बना रहे हैं निशाना, पुलिस पर उठे सवाल, आंदोलन की चेतावनी

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🚨 बड़ी खबर: किसान नेताओं पर हो रहे हमले – उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में!

फतेहपुर में जिला उपाध्यक्ष की हत्या के बाद, अब सहारनपुर में युवा अध्यक्ष पर जानलेवा हमला!

भाकियू नेताओं को बना रहे हैं निशाना, पुलिस पर उठे सवाल, आंदोलन की चेतावनी


सहारनपुर/फतेहपुर:
उत्तर प्रदेश इन दिनों किसान नेताओं के लिए रणभूमि बनता जा रहा है, जहां एक के बाद एक हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं।
जहां फतेहपुर जिले में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष विनोद सिंह उर्फ पप्पू, उनके पुत्र अभय सिंह और भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई, वहीं अब सहारनपुर के छुटमलपुर में भाकियू के युवा जिला अध्यक्ष नदीम अंसारी के घर पर गुंडों द्वारा जानलेवा हमला किया गया है।


💥 फतेहपुर में ट्रिपल मर्डर, अब सहारनपुर में हमला – क्या किसान नेता टारगेट पर हैं?

फतेहपुर की घटना के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश था, लेकिन अब सहारनपुर की घटना ने यह साबित कर दिया है कि किसान नेताओं को एक के बाद एक निशाना बनाया जा रहा है।


🗣️ नदीम अंसारी बोले – न्याय न मिला तो आंदोलन होगा

पत्रकारों से बात करते हुए भाकियू युवा जिला अध्यक्ष नदीम अंसारी ने बताया:

“मेरे घर पर कुछ गुंडे जानलेवा इरादे से घुसे, गाली-गलौज और धमकी दी। हमने थाना फतेहपुर में लिखित शिकायत दी है। अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, तो सड़क पर उतरकर आंदोलन होगा।”


🧑‍🌾 भाकियू मंडल महासचिव आरिफ मलिक की चेतावनी

मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए भाकियू मण्डल महासचिव आरिफ मलिक ने कहा:

“किसान नेताओं पर हो रहे हमले योगी सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोलते हैं।
अगर विनोद सिंह और नदीम अंसारी को न्याय नहीं मिला, तो प्रदेशव्यापी चक्का जाम किया जाएगा।
हम हर क़तरे से किसान आंदोलन को जिंदा रखेंगे।”


🔴 क्या कहती है ये घटनाएं?

  • कानून व्यवस्था सवालों के घेरे में

  • पुलिस की निष्क्रियता पर गंभीर आरोप

  • किसान नेताओं को मिल रही धमकियाँ

  • सरकार की चुप्पी से नाराज हैं किसान संगठन


📌 जनता की मांग:

  • दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी

  • किसान नेताओं को सुरक्षा

  • घटनाओं की CBI या SIT जांच

  • पीड़ित परिवारों को आर्थिक और कानूनी मदद


किसानों का खून यूं ही नहीं बहने देंगे – भाकियू

भारतीय किसान यूनियन ने साफ कहा है कि अगर सत्ता-प्रशासन ने अपनी भूमिका नहीं निभाई, तो सड़कों पर उतर कर निर्णायक संघर्ष होगा।
यह आंदोलन अब ‘जमीन के हक’ से ‘जान की हिफाजत’ तक आ गया है।


✍️ रिपोर्ट: एलिक सिंह
संपादक — वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📞 मो.: 8217554083
जिला प्रभारी — भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद

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