
सर्वेश राय
संवाददाता
लुधियाना
लुधियाना प्रशासन ने सतलुज नदी में विसर्जन से रोका, कमेटी
के लोग बोले _दोराहा में करेंगे
लुधियाना (पंजाब) सतलुज में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए डीसी ने निर्देश जारी किए हैं कि दरिया में गणपति विसर्जन नहीं होगा। प्रशासन का कहना है कि विसर्जन करना खतरा साबित हो सकता है। इसके लिए वैकल्पिक तालाब और कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं। वहीं शहर के बड़े गणपति पंडालों की कमेटी के लोगों ने साफ किया है कि आस्था से समझौता नहीं होगा।
हैबोवाल की 22 फीट रोड स्थित श्री गणेश सेवा परिवार, बीआरएस नगर का दुर्गा माता मंदिर मंडल और राजा के दरबार गणपति पंडाल ने तय किया है कि विसर्जन दोराहा में करेंगे। आयोजकों ने बताया कि विधिवत पूजा-अर्चना, हवन और सजे-धजे रथों के साथ भव्य यात्रा निकाली जाएगी।**
*झांकी में रथ को गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा और गुलदाउदी के फूलों से सजावट की जाएगी। सभी कमेटियां करीब 150 किलो फूलों से रथ को सजाएंगी। भक्तिमय माहौल में ढोल-नगाड़ों और भजनों से वातावरण गूंजेगा। प्रशासन ने अपील की है कि श्रद्धालु सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निर्धारित स्थानों पर ही विसर्जन करें।
50 किलो फूलों से सजेगा गणेश रथ हैबोवाल स्थित 22 फीट रोड से श्री गणेश सेवा परिवार 5 सितंबर को भव्य गणपति विसर्जन यात्रा निकालेगा। गणपति बप्पा का विसर्जन दोराहा के बिलासपुर गांव में होगा। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना से होगी, जिसे पंडित राधेश्याम शास्त्री संपन्न करेंगे।
इसके बाद सजे-धजे रथ पर गणपति बप्पा की झांकी सजाकर जुलूस निकाला जाएगा। रथ की सजावट में 50 किलो गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा, गुलदाउदी और हरी पत्तियों का प्रयोग होगा। मार्ग को झालरों और रोशनी से सजाया जाएगा। ढोल-नगाड़ों और भजनों के बीच भक्त विसर्जन यात्रा में शामिल होंगे। आयोजक कुमार गौरव ने बताया कि यह आयोजन समाज में प्रेम और भाईचारे का संदेश देगा।
30 किलो गुलाल खेलकर विसर्जन करेंगे बीआरएस नगर स्थित श्री दुर्गा माता मंदिर में विराजमान गणपति बप्पा का विसर्जन 6 सितंबर को होगा। कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना और हवन से होगी। पंडितों द्वारा विशेष धार्मिक अनुष्ठान कराए जाएंगे। आयोजक शमशेर ने बताया कि विसर्जन तो दोराहा में करेंगे, लेकिन यहां पानी का स्तर बढ़ा तब दूसरी जगह के लिए सोच सकते हैं।
**उन्होंने कहा कि विसर्जन यात्रा के दौरान 30 किलो गुलाल की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु गुलाल खेलकर यात्रा को यादगार बनाएंगे। इसके लिए समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। बड़ी संख्या में भक्तों के शामिल होने की संभावना है। यात्रा को यादगार बनाने के लिए रथ को गुलाब, गेंदा, रजनीगंधा और हरी पत्तियों से सजाया जाएगा।








