
प्रेस विज्ञप्ति
जलवायु अनुकूल कृषि पर मानपुर में दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन
गया, 13 अक्टूबर 2025, ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीविका द्वारा जिले के सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधकों एवं विषयगत प्रबंधकों का दो दिवसीय प्रशिक्षण (13 से 14 अक्टूबर 2025) के आयोजन की शुरुआत आज गया के मानपुर में की गई। इस अवसर पर जीविका गया के जिला परियोजना प्रबंधक श्री आचार्य मम्मट ने कहा पर्यावरण अनुकूल कृषि वर्तमान की जरुरत है। एकल खुदाई (जीरो टिलेज ) कृषि पर्यवरण अनुकूल के साथ-साथ पारंपरिक कृषि के मुकाबले ज्यादा किफायती है। इसे अपनाने की जरुरत है।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप खेती की पद्धतियाँ, टिकाऊ कृषि तकनीकें, जल एवं मृदा संरक्षण के उपाय, तथा फसल उत्पादन बढ़ाने के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही, यह बताया गया कि मृदा और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव को कम करते हुए अधिकतम उत्पादन किस प्रकार प्राप्त किया जा सकता है। इसमें एकल खुदाई (जीरो टिलेज ) एवं जैविक कृषि के फायदे। इसका प्रचार-प्रसार आदि के विषय में बताया गया।
प्रशिक्षण का संचालन डिजिटल ग्रीन ट्रस्ट (पटना) के सीनियर को ऑर्डिनेटर श्री अमितेश आनंद और सुजीत पाण्डेय द्वारा किया गया।
उन्होंने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटते हुए किसानों की आय कैसे बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कम लागत वाली तकनीकों, फसल विविधीकरण, और जैविक खेती के लाभों पर भी विस्तार से चर्चा की।
प्रबंधक जीविकोपार्जन कृषि श्री कौटिल्य कुमार ने कहा कि कृषि में कसानों को सलाह एवं जानकारी देने के उदेश्य से ग्राम संसाधन सेवियों की मदद ली जाती है। इसी साप्ताह ग्राम संसाधन सेवियों एवं पशु सखियों को टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पर एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। किसानों को पर्यावरण अनुकूल की जानकारी दी जा रही है। ऐसे प्रशिक्षण वर्तमान की जरुरत है इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि करने में मदद मिलेगी, अपितु इससे पर्यवरण संरक्षण में सहयोग मिलेगा । उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्रों में किसानों को जलवायु अनुकूल कृषि अपनाने के लिए प्रेरित करें। प्रशिक्षण में पर जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक सहित बीपीएम एवं विषयगत प्रबंधकों ने भाग लिया।








