
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट

संवाददाता, लखनऊ। दीपावली से पहले योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश की करोड़ों माताओं-बहनों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लोकभवन सभागार में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र परिवारों को दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने की योजना का शुभारंभ करेंगे। इस पहल से गरीब, वंचित और ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ ईंधन के साथ आर्थिक सहायता भी मिलेगी।
🔹 1.86 करोड़ परिवारों को मिला उज्ज्वला कनेक्शन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लकड़ी, कोयला और उपलों की जगह स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था।
उत्तर प्रदेश इस योजना में देश का अग्रणी राज्य बना है, जहां 1.86 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
🔹 दो चरणों में मिलेगा मुफ्त रिफिल
राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में दो निःशुल्क रिफिल देने का निर्णय लिया है —
पहला चरण: अक्टूबर 2025 से दिसंबर 2025
दूसरा चरण: जनवरी 2026 से मार्च 2026
इसके लिए सरकार ने ₹1500 करोड़ का बजट तय किया है।
🔹 आधार प्रमाणित लाभार्थियों को प्राथमिकता
पहले चरण में आधार सत्यापित 1.23 करोड़ लाभार्थियों को योजना का लाभ दिया जा रहा है।
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के माध्यम से वितरण की व्यवस्था की गई है। सरकार ने ₹346.34 करोड़ की अग्रिम धनराशि ऑयल कंपनियों को जारी कर दी है ताकि वितरण में देरी न हो।
🔹 ऐसे मिलेगा मुफ्त रिफिल
लाभार्थी पहले प्रचलित उपभोक्ता दर पर सिलेंडर भरवाएंगे।
3–4 दिनों के भीतर सब्सिडी की राशि उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा हो जाएगी।
केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी अलग-अलग ट्रांसफर की जाएगी।
5 किग्रा सिलेंडर वाले लाभार्थी चाहें तो 14.2 किग्रा सिलेंडर ले सकते हैं।
🔹 आधार प्रमाणन अभियान तेज
जिनका आधार सत्यापन नहीं हुआ है, उनके लिए प्रशासन और ऑयल कंपनियां विशेष अभियान चला रही हैं।
लाभार्थियों को SMS से जानकारी दी जा रही है।
आधार सत्यापन के लिए विशेष ऐप और अतिरिक्त लैपटॉप वितरकों को दिए जा रहे हैं।
प्रचार-प्रसार के लिए बैनर, फ्लेक्सी और कैंप लगाए जा रहे हैं।
🔹 सख्त मॉनिटरिंग और शिकायत निवारण
योजना की निगरानी के लिए दो स्तरीय समितियां बनी हैं —
राज्य स्तर पर: खाद्यायुक्त कार्यालय समिति नियमित समीक्षा करेगी।
जनपद स्तर पर: जिलाधिकारी की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा होगी।
शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था भी की गई है।
🔹 पूर्ण मात्रा में गैस वितरण की सख्त निगरानी
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक सिलेंडर में 14.2 किग्रा गैस पूरी मात्रा में मिले। यदि सिलेंडर का वजन कम पाया गया, तो वितरक उसे अपने खर्च पर बदलने के लिए बाध्य होगा। बांट-माप विभाग द्वारा समय-समय पर जांच की जाएगी।
🔹 महिलाओं को राहत और स्वच्छ ऊर्जा का प्रसार
वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों के बीच यह कदम गरीब परिवारों के लिए महंगाई से राहत लेकर आया है।
इससे न केवल महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।








