
वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्ट गाजीपुर

गाजीपुर। जिले में पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई हुई है। एसपी डाॅ. ईरज राजा ने सोमवार को कासिमाबाद के तत्कालीन कोतवाल शैलेंद्र पांडेय को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई उस मामले से जुड़ी है, जिसमें करीब पांच माह पहले एक युवती के साथ दुष्कर्म के आरोपी को बचाने के लिए पुलिस पर तहरीर बदलवाने का आरोप लगा था।
सूत्रों के अनुसार, 2 जून को कोतवाली क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म की तहरीर पुलिस को दी थी। लेकिन पुलिस पर दबाव में तहरीर बदलवाकर 3 जून को छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करने और आरोपी को शांति भंग में चालान कर मामला रफा-दफा करने का आरोप लगा था।
बाद में जब पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान में दुष्कर्म की पुष्टि की, तो पुलिस को मजबूरन 30 अक्तूबर को आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराएं जोड़कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेजना पड़ा।
इसी बीच आरोप सामने आया कि भाजपा नेता मन्नू बिंद ने इस मामले में मध्यस्थता कर एक लाख रुपये लिए थे। मामला जब उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आया तो भाजपा नेता के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई।
एसपी डाॅ. ईरज राजा ने बताया कि मामले में विभागीय जांच कराई गई थी और प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन कोतवाल शैलेंद्र पांडेय को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच अभी जारी है, और इसमें शामिल अन्य लोगों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। खास बात यह है कि शैलेंद्र पांडेय दो माह तक पहले भी निलंबित रह चुके थे और अक्तूबर माह में ही बहाल हुए थे। लगातार विवादों में घिरने से विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
👉 रिपोर्ट : वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज, गाजीपुर














