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गाजीपुर/मुहम्मदाबाद। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के किनारे गाजीपुर जिले में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। मुहम्मदाबाद तहसील के 13 गांवों की करीब 1000 एकड़ भूमि में विकसित किए जा रहे इस औद्योगिक गलियारे में अब तक 369 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी है, जबकि शेष 631 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

यूपीडा कर रहा है विकास कार्यों की अगुवाई
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास की मुख्य एजेंसी है। प्राधिकरण द्वारा सड़क, बिजली, जलापूर्ति, औद्योगिक प्लॉटिंग, ड्रेनेज सिस्टम और अन्य बुनियादी ढांचे को उन्नत स्तर पर विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा होते ही निर्माण की गति कई गुना बढ़ जाएगी।
उद्योग विभाग के उपायुक्त प्रवीण मौर्य के मुताबिक,
“जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जैसे ही समाप्त होगी, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के वास्तविक निर्माण कार्य में और तेजी आएगी। इसके बाद उद्यमियों को प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”
पूर्वांचल को मिलेगा बड़ा औद्योगिक आधार
वाराणसी से कुछ किलोमीटर की दूरी पर विकसित होने वाला यह कॉरिडोर पूर्वांचल की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखता है। परियोजना के पूर्ण होने पर यहां स्थापित होने वाली औद्योगिक इकाइयों से गाजीपुर सहित पूरे पूर्वांचल को फायदा मिलेगा।
इससे वाराणसी, चंदौली, बलिया, मऊ, जौनपुर, आजमगढ़ और गोरखपुर जिलों के युवाओं और कारीगरों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें रोजगार की तलाश में दिल्ली, मुंबई, सूरत, अहमदाबाद या बेंगलुरु जैसे शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
हजारों रोजगार अवसरों का सृजन
अधिकारियों का दावा है कि इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पूरी तरह विकसित होने के बाद हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे। छोटे, मध्यम और बड़े उद्यमों को यहां प्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे क्षेत्रीय रोजगार व व्यापार दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा।
किसानों को दिया जा रहा मुआवजा
परियोजना के लिए कृषि भूमि लेकर उसे औद्योगिक क्षेत्र में बदलने के लिए किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और विवाद-रहित रखने के लिए प्रशासन किसानों के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम कर रहा है।
अपर आयुक्त उद्योग का बयान
अपर आयुक्त उद्योग उमेश कुमार सिंह ने बताया—
“गाजीपुर में बन रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पूर्वांचल की आर्थिक दिशा बदलने वाला साबित होगा। रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में यह प्रोजेक्ट हजारों युवाओं के लिए नए अवसर खोलेगा। सरकार जमीन अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया को तेजी और पारदर्शिता से पूरा कर रही है।”






