A2Z सभी खबर सभी जिले कीअन्य खबरेताज़ा खबर
Trending

बसंत भवन दुकानों की नीलामी पर बड़ा सवाल — दुकानदारों के हक़ पर डाका नहीं चलने दिया जाएगा : अनुज गुप्ता

ब्यूरो न्यूज़

बसंत भवन दुकानों की नीलामी पर बड़ा सवाल — दुकानदारों के हIMG 20251203 WA0059क़ पर डाका नहीं चलने दिया जाएगा : अनुज गुप्ता

 

हरिद्वार। खड़खड़ी क्षेत्र स्थित बसंत भवन की दुकानों की प्रस्तावित नीलामी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय दुकानदारों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए नीलामी प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताया है। इसी मुद्दे को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता अनुज गुप्ता ने नगर निगम तथा प्रशासन के समक्ष गहरी आपत्ति दर्ज कराई है।

 

अनुज गुप्ता ने बताया कि उन्होंने बसंत भवन दुकानों की नीलामी प्रक्रिया संबंधी समस्त दस्तावेजों और निर्णयों की जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत नगर निगम से मांगी है। साथ ही जिलाधिकारी एवं उप-जिलाधिकारी को नीलामी स्थगित कराने हेतु औपचारिक आवेदन भी सौंपा गया है।

 

समाचार संवाद के दौरान अनुज गुप्ता ने कहा—

“वर्षों तक जिन दुकानों में व्यापार चलता रहा, जिनका किराया वर्ष 2019 तक न्यायालय में नियमित जमा किया गया, और जिन्हें बिना किसी लिखित बेदखली आदेश के सील कर दिया गया — उन्हीं दुकानों की अब नीलामी करना कानून और न्याय व्यवस्था के साथ सीधा मज़ाक है। यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं बल्कि व्यापारियों के हितों के विरुद्ध एकतरफा कार्यवाही प्रतीत होती है।”

 

उन्होंने आरोप लगाया कि—

• दुकानों की विधिवत बेदखली नहीं की गई,

• न ही कब्जा संबंधित कोई स्पष्ट प्रमाण पत्र सार्वजनिक किया गया,

• और न ही प्रीमियम एवं किराया निर्धारण का कोई तर्कसंगत आधार बताया गया।

 

इसके बावजूद नगर निगम द्वारा दुकानों को 52 से 65 लाख रुपये के भारी भरकम प्रीमियम पर नीलाम करने की तैयारी की जा रही है, जो छोटे व मध्यम वर्ग के दुकानदारों को बाजार से बाहर करने का प्रयास लगता है।

 

अनुज गुप्ता ने स्पष्ट कहा—

“नगर निगम का उद्देश्य केवल राजस्व कमाना नहीं, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोज़गार की सुरक्षा करना भी है। बिना तथ्यों की जांच के ऐसी नीलामी आगे बढ़ाना मेहनतकश दुकानदारों के साथ अन्याय है।”

 

उन्होंने यह भी कहा कि—

• स्थानीय व्यापारी हितों को कोई प्राथमिकता नहीं दी गई,

• दुकानों की स्थिति, क्षेत्रफल और सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई,

• तथा आसपास स्थित निगम दुकानों का किराया कितना है, यह भी सार्वजनिक नहीं किया गया।

 

अनुज गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा—

“यदि नगर निगम और प्रशासन ने समय रहते इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नीलामी को स्थगित नहीं किया, तो यह संघर्ष जिला स्तर से आगे बढ़कर शासन और न्यायालय तक जाएगा। यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस दुकानदार की है जो अपने रोज़गार और अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है।”

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!