

पेट्रोल और डीजल से इसका खर्च कम होने के कारण अधिकांश वाहनों में इसका प्रयोग हो रहा है। रोजाना सैंकड़ों ऑटो, चौपहिया वाहन इस पंप पर आते हैं। पंप के मैनेजर अभिषेक कुमार ने बताया कि रोजाना दो बार गैस मंगवाई जाती है। एक टैंकर से 400 किलो जबकि
तीन-चार घंटे कतार में लगने के बाद नंबर आता है। छोटा टैंक होने के कारण गैस जल्दी खत्म हो जाती है। एक किलो गैस 93 रुपये की मिलती है। – गिरिराज, ऑटो स्वामी।
जब भी पंप पर आते हैं, लंबी कतार कतार मिलती है। कई बार गैस नहीं है.. का बोर्ड लटका मिलता है। यहां सीएनजी के अन्य पंप चालू होना जरूरी है। – सोनू बघेल, वाहन स्वामी।
दूसरे से 600 किलो।
यह गैस बुलंदशहर के डिबाई से आती है। पहले अलीगढ़ के तेजपुर से गैस आती थी। जैसे जैसे मांग बढ़ रही है गैस मंगवाई जा रही है।








